Anti Terror Operation In J&K: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊंचे पहाड़ों में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को पकड़ने के लिए अपना अभियान और तेज कर दिया है। घने जंगलों और दो फीट से अधिक बर्फबारी के बीच चल रहे इस ऑपरेशन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से जिले के तीन संवेदनशील हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगा दी है।
जम्मू-कश्मीर गृह विभाग के आदेश के अनुसार, सिंहपोरा, चिंगम और छातु के छह किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 30 जनवरी की रात 11:59 बजे तक निलंबित कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम असामाजिक तत्वों द्वारा हाई-स्पीड डेटा के दुरुपयोग को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। यह निलंबन पहली बार 23 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आगे बढ़ाया गया है।
18 जनवरी से जारी है मुठभेड़ का सिलसिला
आतंकवाद विरोधी यह अभियान 18 जनवरी को शुरू हुआ था, जब मंद्राल-सिंहपोरा के पास सोनार वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। इस संघर्ष में एक पैराट्रूपर शहीद हो गया था और सात अन्य सैनिक घायल हुए थे। घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर आतंकवादी वहां से भाग निकलने में सफल रहे थे।
भारी बर्फबारी और बार-बार मुठभेड़
इलाके में दो फीट से ज्यादा बर्फ जमा होने के बावजूद सेना और पुलिस का तलाशी अभियान थमा नहीं है। शुरुआती मुठभेड़ के बाद 22 जनवरी को माली दाना टॉप और 25 जनवरी को जानसीर-कांडीवार में भी आतंकवादियों के साथ संपर्क स्थापित हुआ, लेकिन दोनों ही बार आतंकी घने जंगलों में ओझल हो गए। सुरक्षा बलों का मानना है कि जैश के ये तीन आतंकवादी इसी क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में छिपे हुए है।
पुंछ के सुरनकोट में भी तलाशी अभियान
किश्तवाड़ के साथ-साथ पुंछ जिले के सुरनकोट में भी सुरक्षा बलों ने एक अलग तलाशी अभियान शुरू किया है। पज्जा मोढ़ और नबाना टॉप जैसे इलाकों में दो संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, आखिरी रिपोर्ट मिलने तक वहां आतंकवादियों से कोई सीधा संपर्क नहीं हो पाया था, लेकिन सुरक्षा बल पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी ले रहे हैं।