शनिवार को जम्मू-कश्मीर में जगह मौसम से जुडी दो बड़ी घटनाएं हुईं। अधिकारियों ने बताया कि रियासी जिले में 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं, रामबन जिले में बादल फटने से कम से कम 3 लोगों की जान गई और 2 लोग लापता हो गए। लापता लोगों की तलाश के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। रामबन में हुई इस घटना में कई घर भी क्षतिग्रस्त हो गए। अधिकारियों ने बताया कि रियासी में आज तड़के एक दूरदराज के गांव में भूस्खलन से एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई, जिससे उनका घर नष्ट हो गया।
माहोरे के बद्दर गांव में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। मृतकों में घर के मालिक नजीर अहमद, उनकी पत्नी और पांच नाबालिग बेटे शामिल हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने निवासियों की मौत पर शोक जताया। CMO ने ट्वीट किया, "मुख्यमंत्री ने रामबन के राजगढ़ में भूस्खलन से हुई जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने प्रशासन को तत्काल बचाव एवं राहत अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।"
इलाके में भारी बारिश के बीच रामबन, जम्मू, पुंछ, किश्तवाड़ और उधमपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया।
बादल फटने की यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब जम्मू-कश्मीर पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहा है। इस घटना में केंद्र शासित प्रदेश में कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई है। पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे जैसे मार्ग क्षतिग्रस्त होने से सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
DC अशोक कुमार शर्मा ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, "पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। NH-44 बंद है। यह आज शाम या कल सुबह तक खुल सकता है।"
भारी बारिश के कारण पैदा हुई गंभीर स्थिति और दैनिक कामकाज पर असर को देखते हुए अधिकारियों ने जम्मू संभाग के स्कूलों को 30 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया है। स्कूलों से यह पता लगाने को कहा गया है कि क्या कक्षा 9-12 तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जा सकती हैं।