Get App

बिन सैलरी के ट्यूनिशिया में फंसे थे झारखंड के 48 मजदूर, सीएम हेमंत सोरेन ने कराई वतन वापसी

झारखंड श्रम विभाग के प्रवासी विभाग के मुताबिक, सभी 48 मजदूर शुक्रवार तक अपने घर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि मजदूर ट्यूनीशिया से मुंबई अलग-अलग उड़ानों से लौटे और फिर ट्रेन से हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो पहुंचे। आखिरी जत्था शुक्रवार को बोकारो पहुंचा

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 08, 2025 पर 8:48 PM
बिन सैलरी के ट्यूनिशिया में फंसे थे झारखंड के 48 मजदूर, सीएम हेमंत सोरेन ने कराई वतन वापसी
ट्यूनीशिया में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूर अब सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं।

ट्यूनीशिया में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूर अब सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सभी मजदूर मुंबई पहुंचने के बाद अपने-अपने जिलों में वापस गए। झारखंड श्रम विभाग के प्रवासी नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम लीडर शिखा लाकड़ा ने पीटीआई को बताया कि सभी 48 मजदूर शुक्रवार तक अपने घर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि मजदूर ट्यूनीशिया से मुंबई अलग-अलग उड़ानों से लौटे और फिर ट्रेन से हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो पहुंचे। आखिरी जत्था शुक्रवार को बोकारो पहुंचा।

 ट्यूनीशिया में  फंसे थे झारखंड के मजदूर 

उन्होंने बताया कि अब सभी मजदूरों को कंपनी की ओर से तीन महीने का बकाया वेतन दे दिया गया है। उत्तरी अफ्रीका के देश ट्यूनीशिया में ये प्रवासी मजदूर तीन महीने से ज्यादा समय तक बिना वेतन के फंसे हुए थे। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी परेशानी बताई थी। मजदूरों का कहना था कि झारखंड से रवाना होने से पहले उन्हें अच्छे अनुबंध और तय वेतन का वादा किया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें बिना वेतन के रोज 12 घंटे से ज्यादा काम करने के लिए मजबूर किया गया।

सीएम हेमंत सोरेन ने दिए थे कार्रवाई के निर्देश 

सब समाचार

+ और भी पढ़ें