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Justice Swarna Kanta: जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कार्ति चिदंबरम केस से खुद को किया अलग, दिल्ली HC की जज के खिलाफ केजरीवाल ने खोल रखा है मोर्चा

Justice Swarna Kanta Sharma: दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने मंगलवार (28 अप्रैल) को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इस याचिका में Diageo Scotland से जुड़े कथित रिश्वत मामले में CBI द्वारा दर्ज केस को रद्द करने की मांग की गई थी

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 28, 2026 पर 4:21 PM
Justice Swarna Kanta: जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कार्ति चिदंबरम केस से खुद को किया अलग, दिल्ली HC की जज के खिलाफ केजरीवाल ने खोल रखा है मोर्चा
Justice Swarna Kanta Sharma: दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कार्ति चिदंबरम केस से खुद को अलग कर लिया है

Justice Swarna Kanta Sharma: दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की याचिका पर मंगलवार (28 अप्रैल) को सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इस याचिका में व्हिस्की की ड्यूटी-फ्री बिक्री पर प्रतिबंध के मामले में एक शराब कंपनी की कथित रूप से मदद करने को लेकर कांग्रेस नेता के खिलाफ दर्ज केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की FIR रद्द किए जाने का अनुरोध किया गया है। जज ने कहा, "इसे किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।" अब मामले को 21 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

कार्ति ने मामले को रद्द करने का अनुरोध करते हुए हाई कोर्ट में आरोप लगाया है कि 1 जनवरी, 2025 को ‘अवैध’ FIR दर्ज की गई। इसे दर्ज करने में काफी देरी हुई तथा यह दुर्भावनापूर्ण, राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की कार्रवाई से प्रेरित है।

क्या है पूरा मामला?

कांग्रेस सांसद के खिलाफ यह चौथा मामला है, जो 2018 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई प्रारंभिक जांच से उत्पन्न हुआ है। यह जांच कार्ति के पिता पी चिदंबरम के केंद्रीय वित्त मंत्री रहने के दौरान FIPB (फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड) मंजूरी देने में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। यह मामला कटरा होल्डिंग्स, एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (एएससीपीएल), कार्ति और अन्य के खिलाफ दर्ज किया गया था।

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