हाथी जंगल के सबसे बड़े और ताकतवर जानवरों में से एक है। हाथी को देख शेर-बाघ जैसे शिकारी और खूंखार जानवर भी अपना रास्ता बदल लेते हैं। इतनी ताकत होने के बाद भी हाथी इसानों के सबसे करीब भी माने जाते हैं। भारत समेत दुनिया के कई देशों में हाथियों को बड़ी संख्या में आम आदमियों द्वारा पाला जाता है। वहीं हमेशा शांत दिखने वाले हाथी कभी-कभी हिंसक रूप भी अख्तियार कर लेते हैं। हाथियों के हिंसक होने का का ऐसा ही एक मामल कर्नाटक से सामने आया है। यहां हाथियों की लड़ाई में एक महिला टूरिस्ट की मौत भी हो गई है।
दो हाथियों के बीच हुई लड़ाई
बता दें कि कर्नाटक के दुबारे हाथी कैंप में दो हाथियों के बीच हुई हिंसक लड़ाई के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। अधिकारियों के मुताबिक, चेन्नई की 33 वर्षीय महिला पर्यटक ज्यूनेश की हाथी के नीचे आ जाने से मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब पर्यटक कैंप में हाथियों को नहाते हुए देख रहे थे। ज्यूनेश भी घूमने के लिए कैंप पहुंची थी और उसी दौरान यह घटना हो गई।
हादसे में महिला टूरिस्ट की हुई मौत
अधिकारियों ने बताया कि नहाने के दौरान ‘कंचन’ नाम का हाथी अचानक दूसरे हाथी ‘मार्तंडा’ पर हमला करने लगा। इसके बाद दोनों हाथियों के बीच जोरदार संघर्ष शुरू हो गया। मौके पर मौजूद महावतों ने हाथियों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों जानवर काफी आक्रामक हो चुके थे और उन्हें काबू करना मुश्किल हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि हाथियों की लड़ाई के दौरान एक हाथी अचानक संतुलन खो बैठा और पर्यटक महिला के ऊपर गिर गया। इसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि हाथी दोबारा उठने की कोशिश में महिला को कई बार कुचलता चला गया। इस हादसे में महिला को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
कर्नाटक सरकार ने दिए ये निर्देश
कर्नाटक के वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री ईश्वर बी. खंड्रे ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वन्यजीवों वाले इलाकों में पर्यटकों की सुरक्षा के इंतजाम तुरंत और मजबूत किए जाएं। ईश्वर बी. खंड्रे ने कहा कि भले ही पालतू हाथियों को ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन जानवरों के व्यवहार का पूरी तरह अंदाजा लगाना हमेशा संभव नहीं होता। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पर्यटकों को हाथियों के बहुत करीब जाने से रोका जाए। साथ ही लोगों को हाथियों की सूंड छूने, उन्हें नहलाने, खाना खिलाने या बेहद पास जाकर तस्वीरें लेने की अनुमति न दी जाए।
पहले भी जा चुकी है लोगों की जान
मंत्री ने यह भी कहा कि कैंप में आने वाले सभी पर्यटक वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। यह दर्दनाक हादसा ऐसे समय में सामने आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों से हाथियों के हमलों में मौत की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पिछले महीने छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में एक जंगली हाथी ने एक व्यक्ति को कुचलकर मार डाला था। वहीं मार्च महीने में उत्तर प्रदेश के कतरनियाघाट वन्यजीव अभयारण्य के पास एक नर हाथी के हमले में एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई थी।