40 दिनों में 21 मौतें! कर्नाटक के हासन में हार्ट अटैक से मची दहशत, युवा भी नहीं बचे सुरक्षित, सरकार ने दिए जांच के आदेश

अब तक हुई 21 मौतों में से 5 की उम्र 19 से 25 साल थी और 8 की उम्र 25 से 45 साल। यानी लगभग दो-तिहाई मृतक 45 साल से कम उम्र के थे। ये आंकड़े अब सभी को डराने लगे हैं। हासन स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले दो सालों में जिले में 507 हार्ट अटैक मामले सामने आए, जिनमें से 190 की मौत हो चुकी है

अपडेटेड Jun 30, 2025 पर 8:47 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Karnataka Heart Attack: '40 दिनों में 21 मौतें' कर्नाटक के हासन में हार्ट अटैक से मची दहशत

कर्नाटक के हासन जिले से डराने वाली खबर सामने आ रही है। पिछले 40 दिनों में 21 लोगों की मौत हार्ट अटैक से हो चुकी है, और सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से कई युवा थे। सोमवार को ही अकेले एक दिन में 3 लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे जिले में दहशत और चिंता का माहौल बन गया है। मरने वालों में 50 साल के लेपाक्षी, जो बेलूर के जेपी नगर में रहते थे, अचानक थकावट की शिकायत के बाद गिर पड़े और जान चली गई।

58 साल के प्रोफेसर मुथैय्या, होलेनारसीपुरा में चाय पीते समय हार्ट अटैक से चल बसे। वहीं 57 साल के कुमार, जो चन्नारायपट्टना में डी-ग्रुप कर्मचारी थे, रविवार को सीने में दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे, लेकिन बच नहीं सके।

युवा भी निशाने पर: 19 से 25 साल की उम्र में भी मौतें


अब तक हुई 21 मौतों में से 5 की उम्र 19 से 25 साल थी और 8 की उम्र 25 से 45 साल। यानी लगभग दो-तिहाई मृतक 45 साल से कम उम्र के थे। ये आंकड़े अब सभी को डराने लगे हैं। हासन स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले दो सालों में जिले में 507 हार्ट अटैक मामले सामने आए, जिनमें से 190 की मौत हो चुकी है।

बेंगलुरु के जयदेव हॉस्पिटल में अब हार्ट चेकअप कराने वालों की भीड़ लगने लगी है। ओपीडी में 8% तक मरीजों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लोग घबराए हुए हैं और हर कोई अपना दिल चेक करवा लेना चाहता है। अस्पताल प्रशासन भी अब इस बढ़ती भीड़ से परेशान है।

जांच शुरू, हाई-लेवल कमेटी बनाई गई

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. रविंद्रनाथ की अध्यक्षता में एक हाई लेवल जांच कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी हासन में हुई मौतों की गहराई से जांच कर रही है। जांच के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव हर्ष गुप्ता ने दिए हैं।

शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया कि जिन 18 मामलों की जांच की गई, उनमें से 9 लोग 55 साल से ऊपर के थे और उन्हें पहले से बीमारियां थीं, जबकि 5 की उम्र 20 से कुछ ऊपर थी — जिनमें 4 की मौत बेंगलुरु में हुई, लेकिन वे हासन के रहने वाले थे।

रिपोर्ट में सामने आया कि कई मृतकों को टाइप-1 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कुछ दूसरी पुरानी बीमारियां थीं। सबसे डरावनी बात यह कि इनमें से 16 लोगों की मौत घर पर ही हुई, यानी समय रहते इलाज तक नहीं हो सका।

आनुवंशिक कारणों की भी आशंका

डॉक्टरों का कहना है कि हो सकता है कि हासन की आबादी में किसी आनुवंशिक कारण से दिल की मांसपेशियों पर असर पड़ रहा हो। डॉक्टर रविंद्रनाथ की टीम इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है।

यह वही कमेटी है, जिसे पहले Covid-19 के बाद बढ़ रहे हार्ट अटैक मामलों की जांच के लिए बनाया गया था। अब इसे हासन के हर केस की फाइलें मंगवाकर 10 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

Bengaluru Murder Case: शराब पी, बहस हुई और गला घोंटकर कर दी हत्या! बेंगलुरु में लिव-इन पार्टनर ने महिला साथी को दी खौफनाक मौत

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।