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एयर शिपमेंट से पहली बार मालदीव पहुंचे कर्नाटक के नीलम और तोतापुरी आम, किसानों को कितना फायदा हुआ?

पीआईबी की प्रेस रिलीज के मुताबिक इस एक्सपोर्ट इनिशिएटिव के माध्यम से किसान उत्पादक कंपनी (FPC) से जुड़े किसानों को स्थानीय मंडियों की तुलना में 50 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिला है। यह सफलता डॉयरेक्ट प्रॉक्यूरमेंट, अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ाव की ओर भी इशारा कर रही है। इससे न सिर्फ किसानों की इनकम बढ़ी है बल्कि उन्हें एक्सपोर्ट ओरिएंटेड खेती करने को लेकर प्रोत्साहन भी मिल रहा है

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Jul 31, 2026 पर 2:52 PM
एयर शिपमेंट से पहली बार मालदीव पहुंचे कर्नाटक के नीलम और तोतापुरी आम, किसानों को कितना फायदा हुआ?
Mango Farming: भारत की खेती-किसानी और इससे जुड़े एक्सपोर्ट के सेक्टर से एक बड़ा अपडेट सामने आया है।

Mango Farming: भारत की खेती-किसानी और इससे जुड़े एक्सपोर्ट के सेक्टर से एक बड़ा अपडेट सामने आया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की पहल पर कर्नाटक से नीलम और तोतापुरी आमों की पहली हवाई खेप मालदीव भेजी गई है। 30 जुलाई को रवाना की गई यह पहली एयर शिपमेंट इंटरनेशनल मार्केट में कर्नाटक की लेट-सीजन आम किस्मों को बढ़ावा देने और भारत के आम निर्यात टोकरी को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

किसानों को कितना फायदा हुआ?

पीआईबी की प्रेस रिलीज के मुताबिक इस एक्सपोर्ट इनिशिएटिव के माध्यम से किसान उत्पादक कंपनी (FPC) से जुड़े किसानों को स्थानीय मंडियों की तुलना में 50 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिला है। यह सफलता डॉयरेक्ट प्रॉक्यूरमेंट, अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ाव की ओर भी इशारा कर रही है। इससे न सिर्फ किसानों की इनकम बढ़ी है बल्कि उन्हें एक्सपोर्ट ओरिएंटेड खेती करने को लेकर प्रोत्साहन भी मिल रहा है।

महिला उद्यमी और FPC की अहम भागीदारी

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