Khamenei Killing: अमेरिकी-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में रविवार (1 मार्च) को कश्मीर और लखनऊ समेत भारत के कई हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर के शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक सड़कों पर मार्च किया और अमेरिका तथा इजरायल विरोधी नारे लगाए। ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह पुष्टि की कि इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत हो गई है।
अमेरिका-इजरायल हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद लखनऊ के छोटे इमामबाड़ा पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। मौलाना यासूब अब्बास के नेतृत्व में छोटे इमामबाड़ा पर विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान शिया समुदाय के लोगों ने पोस्टर और काले झंडे लहराए। साथ ही ईरान के सुप्रीम कमांडर खामेनेई की मौत पर दुख जताया। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि होते ही दिल्ली में ईरानी एम्बेसी ने अपना झंडा आधा झुका दिया।
खामेनेई की हत्या के विरोध में शिया मुसलमान लखनऊ, कश्मीर और लद्दाख की सड़कों पर उतरे। खामेनेई की हत्या के विरोध में लद्दाख में शिया मुसलमानों ने प्रदर्शन किया। कश्मीर के एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "अमेरिका ने तेहरान में खामेनेई साहब के घर पर हमला करके कायरतापूर्ण काम किया है। आपने उनकी पीठ में छुरा घोंपा है। अगर आपमें हिम्मत है, तो आगे आएं।"
वहीं, रामबन में शिया मुसलमानों ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, "खामेनेई हमारे सुप्रीम लीडर थे, वे हमारे सभी मौलानाओं से ऊपर थे। अमेरिका ने हमेशा ईरान को निशाना बनाया है।"
इस बीच, खामेनेई की मौत के बाद व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बीच जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका और इजरायल के हमले में खामेनेई की मौत के विरोध में रविवार को कश्मीर के कई हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए।
उन्होंने कहा कि शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी विभिन्न स्थानों में सड़कों पर उतर आए। अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार ईरान में मौजूद छात्रों सहित जम्मू कश्मीर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय में है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने X पर एक पोस्ट में कहा, "ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों समेत वहां घट रहीं घटनाओं पर मुख्यमंत्री ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और तनाव या अशांति पैदा करने वाली किसी भी कदम से बचने की अपील की है।"
इस बीच, जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक जताया। कांग्रेस ने रविवार के लिए तय सभी राजनीतिक गतिविधियां स्थगति कर दीं। पीसीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी ईरान के सर्वोच्च नेता पर किए गए इन हवाई हमलों की कड़ी निंदा करती है। इसे अमेरिका-इजरायल की ओर से अमानवीय, बर्बर और कायरतापूर्ण कृत्य करार देती है।
प्रवक्ता के अनुसार, पीसीसी अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक और दुख व्यक्त किया। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के पुष्टि की है कि इजरायल और अमेरिका के हमले में खामेनेई की मौत हो गई।