मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत में LPG गैस की किल्लत जारी है। देश के कई हिस्सों में LPG गैस को लेकर अफरातफरी का महौल है। लोग लाइनों में खड़े होकर घंटों गैर सिलेंडर लेने की अपनी बारी की इंतजार करने देखे गए। एलपीजी गैस की सप्लाई पर बढ़ती चिंताओं के बीच सरकार हालात सामान्य करने के प्रयास कर रही है। इसी बीच LGP गैस को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ी जानकारी दी है।
70 लाख के पार पहुंची एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में एलपीजी की पैनिक बुकिंग हो रही है, इसलिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आम दिनों में रोजाना 50-55 लाख एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग होती थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों में ये बुकिंग 75-76 लाख तक पहुंच गई है, जो पैनिक की वजह से हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में LPG की कोई कमी नहीं है। गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स की तरफ से ड्राई आउट का कोई मैसेज नहीं आया है। नागरिकों से पैनिक न करने की अपील की गई है।
सरकार ने आम लोगों से अपील की है वे एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट हों और पीएनजी कनेक्शन पर जोर दें। सरकार ने कहा कि देशभर में अभी 1.5 करोड़ पीएनजी उपभोक्ता हैं। इसके अलावा 60 लाख परिवार आसानी से पीएनजी कनेक्शन ले सकते हैं।
देश में बढ़ा एलपीजी का उत्पादन
सुजाता शर्मा ने कहा कि, सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रखने की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि घरों के साथ-साथ अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को भी नियमित रूप से एलपीजी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि जरूरी सेवाओं पर कोई असर न पड़े। सुजाता शर्मा के अनुसार, फिलहाल एलपीजी के घरेलू उत्पादन में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। 5 मार्च के मुकाबले अब देश की रिफाइनरियां करीब 30 प्रतिशत ज्यादा एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं। इससे गैस की उपलब्धता बेहतर हुई है।
वहीं कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के बारे में उन्होंने कहा कि, इनके डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी राज्य सरकारों को दी गई है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि प्राथमिकता के आधार पर गैस की सही जगह सप्लाई की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार प्राथमिकता तय करें और यह सुनिश्चित करें कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सही उपभोक्ताओं तक प्रभावी तरीके से पहुंचें।
ईंधन के दूसरे विकल्पों पर भी ध्यान
सुजाता शर्मा ने आगे कहा कि, राज्य सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में केरोसिन के वितरण के लिए खास स्थान तय करें। यह व्यवस्था खास तौर पर उस 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन के लिए की जा रही है, जिसे भारत सरकार ने नियमित कोटे के अलावा मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक ईंधन के विकल्प भी सक्रिय किए जा रहे हैं। इसके लिए कोल इंडिया लिमेडेट ने पहले ही आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध कराया जा सके। सुजाता शर्मा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अफवाहों या डर की वजह से जल्दबाजी में गैस बुकिंग न करें। सरकार जरूरी ईंधन की सप्लाई बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
सुजाता ने कहा कि देश में घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की सप्लाई बिना किसी रुकावट के दी जा रही है। देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। हालांकि एलपीजी की स्थिति पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। फिर भी उन्होंने कहा कि देश के लगभग 25,000 एलपीजी वितरकों में से किसी के पास भी गैस का स्टॉक खत्म होने की कोई जानकारी नहीं मिली है।