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लंबा चलेगा LPG का संकट! सप्लाई बहाल होने में लग सकते हैं 3-4 साल, जानें विदेशी सप्लायर्स ने क्या बताया

LPG Crisis: भारत अपनी LPG खपत का लगभग 60% हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, जो इसे वैश्विक झटकों के प्रति बेहद संवेदनशील बनाता है। युद्ध से पहले भारत की 90% LPG सप्लाई 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के रास्ते आती थी। 24 मार्च तक खाड़ी देशों से होने वाले आयात की हिस्सेदारी घटकर 55% रह गई है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 15, 2026 पर 4:12 PM
लंबा चलेगा LPG का संकट! सप्लाई बहाल होने में लग सकते हैं 3-4 साल, जानें  विदेशी सप्लायर्स ने क्या बताया
अब तक घरेलू 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹115 तक बढ़ चुकी है

LPG Supply Chain: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और होर्मुज जलसंधि की नाकेबंदी ने भारत की रसोई तक पहुंचने वाली गैस की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, वैश्विक LPG सप्लाई चेन को पूरी तरह बहाल होने में 3 से 4 साल का समय लग सकता है। संकट की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि खाड़ी देशों में उत्पादन अस्थायी रूप से रुका है या वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थायी नुकसान हुआ है।

सप्लाई बहाल होने में इतनी देरी क्यों?

सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आपूर्ति बाधित होने के पीछे कई बड़ी वजहें है\। उन्होंने बताया कि, अभी यह साफ नहीं है कि तेल के कुएं पूरी तरह खाली हो चुके हैं या प्रोडक्शन को युद्ध के कारण रोका गया है। वहीं विदेशी सप्लायर्स से मिले इनपुट के आधार पर, सप्लाई चेन को फिर से पटरी पर लाने में कम से कम 3 साल और उससे ज्यादा का समय भी लग सकता है। ईरान द्वारा सऊदी अरब और UAE के ऊर्जा ठिकानों पर किए गए हमलों ने गैस उत्पादन और लोडिंग की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित किया है।

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