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MP News : डॉक्टर्स की बड़ी लापरवाही...4 बच्चे HIV पॉजिटिव, बिना चेक किए चढ़ाया संक्रमित खून

आशंका जताई जा रही है कि इन बच्चों को जनवरी से मई के बीच दूषित खून चढ़ाया गया, जिसके कारण उन्हें HIV संक्रमण हुआ। मामले की जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग ने पूरी प्रक्रिया की जांच के आदेश दे दिए हैं। सतना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत होती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 19, 2025 पर 3:04 PM
MP News : डॉक्टर्स की बड़ी लापरवाही...4 बच्चे HIV पॉजिटिव, बिना चेक किए चढ़ाया संक्रमित खून
मध्य प्रदेश के सतना में एक सरकारी अस्पताल से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है।

मध्य प्रदेश के सतना में एक सरकारी अस्पताल से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। यहां थैलेसीमिया से पीड़ित चार बच्चों का ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया गया था, जिसके बाद उनका HIV टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। इस लापरवाही के बाद प्रशासन ने इस प्रक्रिया में शामिल डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है। यह मामला सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी अस्पताल का है। 16 दिसंबर को जांच के दौरान सामने आया कि थैलेसीमिया से जूझ रहे इन बच्चों की रिपोर्ट HIV पॉजिटिव आई है। थैलेसीमिया एक इनहेरिटेड ब्लड डिसऑर्डर है, जिसमें मरीजों को बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।

बच्चों को चढ़ाया गया था खून

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आशंका जताई जा रही है कि इन बच्चों को जनवरी से मई के बीच दूषित खून चढ़ाया गया, जिसके कारण उन्हें HIV संक्रमण हुआ। मामले की जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग ने पूरी प्रक्रिया की जांच के आदेश दे दिए हैं। सतना के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत होती है, इसी वजह से उन्हें हाई-रिस्क श्रेणी में माना जाता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही बच्चों में HIV संक्रमण की पुष्टि हुई, तुरंत उनका एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से इलाज शुरू कर दिया गया।

सरकार कर रही मामले की जांच 

डॉ. शुक्ला के मुताबिक, ब्लड बैंक से मिलने वाले सभी खून की जांच नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (NACO) के नियमों के तहत की जाती है और अगर कोई सैंपल दूषित पाया जाता है तो उसे नष्ट कर दिया जाता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिसे अधिकारियों ने बेहद संवेदनशील बताया है, केंद्र और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभागों की एक संयुक्त जांच टीम ने अस्पताल का दौरा किया। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन हालात में HIV संक्रमित खून बच्चों को चढ़ाया गया।

हुई ये कार्रवाई 

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