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Maha Ashtami & Maha Navami 2026: शारदीय नवरात्रि में कब होगी महा अष्टमी और महा नवमी? जानें तारीख, पूजा मुहूर्त और पारण का समय

Maha Ashtami & Maha Navami 2026: अश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी और नवमी तिथि को महा अष्टमी और महा नवमी मनाई जाती है। शारदीय नवरात्रि की इन दानों तिथियों का विशेष महत्व है। आइए जानें इस साल शारदीय नवरात्रि में महा अष्टमी और महा नवमी किस दिन होगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 07, 2026 पर 5:29 PM
Maha Ashtami & Maha Navami 2026: शारदीय नवरात्रि में कब होगी महा अष्टमी और महा नवमी? जानें तारीख, पूजा मुहूर्त और पारण का समय
शारदीय नवरात्री के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है।

Maha Ashtami & Maha Navami 2026: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्री के पर्व का विशेष स्थान है। यह पव हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व के आठवें दिन यानी अश्विन शुक्ल अष्टमी तिथि को महा अष्टमी और अश्विन शुक्ल नवमी तिथि को महा नवमी का पर्व मनाया जाता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा की उपासना करने वाले सभी भक्त इन दिनों में कन्या पूजन, उपवास और विशेष अनुष्ठान आदि का आयोजन करते हैं। शारदीय नवरात्री के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आइए जानें इस साल महा अष्टमी और महा नवमी का पर्व किस दिन मनाया जाएगा? इस वर्ष शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होगी।

19 अक्टूबर को होगी महाष्टमी की पूजा

इस वर्ष अष्टमी तिथि का आरंभ 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:27 बजे होगा और इसका समापन 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:51 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार 19 अक्टूबर को अष्टमी मानी जाएगी। इसलिए जिन लोगों के यहां अष्टमी के दिन विशेष पूजा, हवन या कन्या पूजन की परंपरा है, वे 19 अक्टूबर को यह अनुष्ठान कर सकते हैं। अगर आप अष्टमी का व्रत रखते हैं तो 19 अक्टूबर को व्रत रखें और विधि-विधान से मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा करें।

महा अष्टमी 2026 कन्या पूजन समय

कन्या पूजन या कन्या भोजन कराने वाले लोग भी 19 अक्टूबर को अष्टमी तिथि के दौरान यह अनुष्ठान कर सकते हैं। कोशिश करें कि अष्टमी से जुड़े पूजा-पाठ और कन्या पूजन सुबह 10:51 बजे से पहले कर लिया जाए। कुछ परिवारों में महाष्टमी के दिन कुलदेवी या मां चामुंडा की पूजा रात के समय की जाती है। ऐसे परिवार 18 अक्टूबर की रात को अष्टमी तिथि लगने के बाद अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा कर सकते हैं।

महानवमी 2026 कब है?

19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे अष्टमी तिथि समाप्त होगी और इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। इसलिए 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे के बाद महानवमी की पूजा, हवन और कन्या पूजन किया जा सकता है। अगर आपके परिवार में नवमी के दिन कन्या पूजन करने की परंपरा है, तो आप 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे के बाद कन्या पूजन और हवन कर सकते हैं। 19 अक्टूबर को महाअष्टमी और महानवमी दोनों का कन्या पूजन किया जा सकता है।

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