Maharashtra Politics: 'उनका अस्तित्व मिटा देंगे'; BJP नेता गणेश नाइक ने एकनाथ शिंदे को दी सरेआम धमकी, महाराष्ट्र में सियासी घमासान
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मंत्री गणेश नाइक ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर BJP नेतृत्व अपने नेताओं को खुली छूट दे दे, तो शिवसेना प्रमुख का राजनीतिक वजूद खत्म कर सकते हैं। इस बयान के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन 'महायुति' के सहयोगी दलों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मंत्री गणेश नाइक ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को खुली चेतावनी दी है
Maharashtra Politics: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता और महाराष्ट्र के मंत्री गणेश नाइक ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर बीजेपी नेतृत्व अपने नेताओं को खुली छूट दे दे, तो शिवसेना प्रमुख का राजनीतिक वजूद खत्म हो सकता है। महाराष्ट्र के वन मंत्री गणेश नाइक ने डायरेक्ट एकनाथ शिंदे को कथित तौर पर निशाना बनाकर यह टिप्प्णी का। उन्होंने कहा कि हम उनका अस्तित्व खत्म कर सकते हैं। इस बयान के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन 'महायुति' के सहयोगी दलों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
शिवसेना के मंत्रियों ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उचित जवाब देने की चेतावनी दी। नाइक ने रविवार को यह टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर बीजेपी अनुमति देती है, तो हम उनका अस्तित्व खत्म कर सकते हैं। यह उनके लंबे समय के प्रतिद्वंद्वी शिंदे की ओर एक अप्रत्यक्ष इशारा था। नाइक ने शिंदे का नाम लिए बिना यह बात ठाणे में एक गणेश मंडल के दौरे के दौरान कही। इसे शिवसेना प्रमुख का गढ़ माना जाता है।
नाइक ने कहा, "अगर बीजेपी इजाजत दे दे, तो उनका नाम और वजूद खत्म हो जाएगा। मैं आज यह बात दोहरा रहा हूं।" यह बात उन्होंने साफ तौर पर शिवसेना के बारे में कही। इसके साथ बीजेपी 'महायुति' के हिस्से के तौर पर सत्ता में है।
ये टिप्पणियां मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन खासकर नवी मुंबई, ठाणे और कल्याण-डोंबिवली के अहम इलाकों पर कंट्रोल को लेकर नाइक और शिंदे के बीच लंबे समय से चल रही दुश्मनी के बैकग्राउंड में आई हैं। यह दुश्मनी बीजेपी और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के महाराष्ट्र और केंद्र में गठबंधन सहयोगी होने के बावजूद बनी हुई है।
हालांकि, नाइक ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी अनुशासन ने बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक रखा है। उन्होंने कहा, "बीजेपी एक अनुशासित पार्टी है। एक बार आदेश मिलने पर हम उसका पालन करते हैं। जब हमारा मन नहीं भी मानता, तब भी हमारे कार्यकर्ताओं ने पार्टी अनुशासन की वजह से इसे बर्दाश्त किया है और चुप रहे हैं।"
शिवसेना का पलटवार
इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना नेता और राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि बीजेपी आज सत्ता में सिर्फ इसलिए है। क्योंकि शिंदे ने 2022 में अविभाजित शिवसेना के नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह किया था।
शिरसाट ने छत्रपति संभाजीनगर में नाइक को निशाना बनाते हुए कहा, "कौन शिंदे को खत्म करने की बात कर रहा है? वह (शिंदे) नवी मुंबई की पहाड़ियां या रेत नहीं हैं, जिन्हें खत्म किया जा सके। हम वो हैं, जो साहस के साथ खड़े हैं। शिंदे को कम नहीं आंका जा सकता।"
उन्होंने कहा, "हमारी कुर्बानियों की बदौलत ही आज BJP सत्ता में है। हम इसे सहन नहीं करेंगे कि एक तरफ हमें 'महायुति' धर्म का पालन करने को कहा जाए। वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी नेता ऐसे बयान दें। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मैं इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात करूंगा।"
मंत्री ने नाइक का जिक्र करते हुए कहा, "अगर वह इतने शक्तिशाली हैं, तो उन्हें देवेंद्र फडणवीस से बात करनी चाहिए।" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर आप हमें चुनौती देते हैं, तो हम इसे स्वीकार करेंगे।" 'महायुति' गठबंधन में BJP, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं।
शिवसेना नेता एवं पर्यटन मंत्री शिंदे के करीबी विश्वासपात्र शंभूराज देसाई ने सतारा में कहा, "अगर हमारी पार्टी अनुमति देती है, तो हमारा रुख वही रहेगा। जब उनकी पार्टी कोई रुख अपनाएगी, तो हम भी उचित जवाब देंगे।" परिवहन मंत्री एवं शिवसेना नेता प्रताप सरनाइक ने भी कहा कि शिंदे, नाइक की टिप्पणियों का जवाब देने में सक्षम हैं।
नाइक और शिंदे में मतभेद की खबर!
अविभाजित ठाणे जिले के पूर्व संरक्षक मंत्री नाइक और शिंदे पुराने प्रतिद्वंद्वी हैं। नवी मुंबई लंबे समय से नाइक का गढ़ रहा है। करीब ढाई दशकों से अधिक समय तक नगर निकाय पर उनका नियंत्रण रहा।
नाइक वर्तमान में पालघर जिले के संरक्षक मंत्री हैं। इस जिले को ठाणे से अलग करके बनाया गया है। यह क्षेत्र शिंदे का राजनीतिक गढ़ बना हुआ है। हाल ही में सीट बंटवारे की बातचीत विफल होने के बाद शिवसेना और BJP ने नवी मुंबई महानगर पालिका (NMMC) के चुनाव अलग-अलग लड़े।