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Maharashtra Politics: प्रफुल्ल पटेल होंगे अजित पवार के उत्तराधिकारी? या सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र कैबिनेट में शामिल करने की मांग

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के बाद अब इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की बागडोर किसके हाथ में होगी। NCP के अंदर से आवाज उठ रही है कि सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष एवं विधायक दल का नेता बनाया जाए। सूत्रों के मुताबिक, अगर ऐसा नहीं हो पाता है, तो प्रफुल्ल पटेल को यह जिम्मेदारी मिल सकती है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 30, 2026 पर 9:03 AM
Maharashtra Politics: प्रफुल्ल पटेल होंगे अजित पवार के उत्तराधिकारी? या सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र कैबिनेट में शामिल करने की मांग
Maharashtra Politics: अजित पवार के उत्तराधिकारी की बात करें तो उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और प्रफुल्ल पटेल का नाम सबसे आगे है

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में सभी की नजरें पवार परिवार और फडणवीस कैबिनेट में फेरबदल पर है। खासकर इस बात पर अधिक चर्चा हो रही है कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के बाद नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) की बागडोर किसके हाथ में होगी। NCP के अंदर से आवाज उठ रही है कि अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष एवं विधायक दल का नेता बनाया जाए। सूत्रों के मुताबिक, अगर राजनीतिक वजहों से ऐसा नहीं हो पाता है, तो NCP के प्रफुल्ल पटेल को यह जिम्मेदारी मिल सकती है।

इसकी एक वजह यह हो सकती है कि प्रफुल्ल पटेल की छवि एक रणनीतिकार और मुश्किलों को हल करने वाले नेता की है। एक और बात जो उनकी ताकत बढ़ाती है, वह है दिल्ली से उनके शानदार कनेक्शन...। इस बीच, CNN-News18 को सूत्रों ने बताया कि अजित पवार की प्लेन क्रैश में अचानक मौत के बाद महाराष्ट्र कैबिनेट में फेरबदल होने की संभावना है।

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) उनके विभागों पर दावा करने की कोशिश कर रही है। सूत्रों ने बताया कि NCP महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक लेटर सौंप सकती है। इसमें मांग की जाएगी कि अजित पवार के विभाग NCP को दिए जाएं, क्योंकि ये विभाग पार्टी के कोटे में आते थे।

अजित पवार की मौत के समय NCP के पास फाइनेंस, प्लानिंग और स्टेट एक्साइज डिपार्टमेंट का कंट्रोल था। पवार ने खेल और युवा कल्याण और अल्पसंख्यक विकास का भी अतिरिक्त प्रभार संभाला था। ये सभी पद अब खाली हैं। ऐसे में उम्मीद है कि NCP इन पोर्टफोलियो पर दावा करेगी।

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