किताब पर मचा बवाल, आखिरकार जनरल मनोज नरवणे ने तोड़ी चुप्पी, कह दी बड़ी बात!

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने साफ कहा कि कोई भी किताब तभी प्रकाशित मानी जाती है, जब वह दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद के लिए उपलब्ध हो। प्रकाशक के अनुसार, “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” किसी भी रूप में अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 7:24 PM
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किताब पर मचे बवाल पर आखिरकार जनरल नरवणे ने तोड़ी चुप्पी, कह दी बड़ी बात

पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर) एमएम नरवणे ने मंगलवार को अपनी आत्मकथा “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” को लेकर चल रहे विवाद के बीच पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की सफाई साझा की। इस किताब के प्रकाशन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयान में विरोधाभास है।

भंडारी के मुताबिक, राहुल गांधी कहते हैं कि वे पूर्व सेना प्रमुख की बात पर भरोसा करते हैं, लेकिन अब खुद जनरल नरवणे ने प्रकाशक की सफाई दोहराई है कि किताब अब तक प्रकाशित ही नहीं हुई है। भंडारी ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी अब इस विवाद को लेकर देश से माफी मांगेंगे?

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने साफ कहा कि कोई भी किताब तभी प्रकाशित मानी जाती है, जब वह दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद के लिए उपलब्ध हो। प्रकाशक के अनुसार, “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” किसी भी रूप में अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है।


यह सफाई तब आई, जब राहुल गांधी ने प्रकाशक के बयान पर सवाल उठाए और किताब की स्थिति को लेकर असंगति का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के साल 2023 के एक सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र किया, जिसमें लिखा था, “नमस्ते दोस्तों, मेरी किताब अब उपलब्ध है। लिंक फॉलो करें। शुभ पठन। जय हिंद।” राहुल गांधी ने कहा कि इस पोस्ट से साफ लगता है कि किताब उपलब्ध कराई गई थी और आरोप लगाया कि या तो जनरल नरवणे या फिर प्रकाशक झूठ बोल रहा है।

इस पर पेंगुइन ने कहा कि जिस पोस्ट का जिक्र किया जा रहा है, उसमें सिर्फ प्री-ऑर्डर का लिंक था। किताब को दो दिन के भीतर वापस ले लिया गया था। तब से यह किताब किसी भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है।

जनरल एमएम नरवणे ने अब पब्लिशर के इसी बयान को X पर शेयर कर लिखा, "ये किताब का स्टेटस है।"

इससे पहले पेंगुइन इंडिया ने X पर एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि इस आत्मकथा के प्रकाशन का पूरा अधिकार उसी के पास है और किताब जारी नहीं की गई है। प्रकाशक ने साफ किया कि न तो छपी हुई किताब, न डिजिटल और न ही किसी अन्य रूप में यह किताब जनता को उपलब्ध कराई गई है।

पब्लिशर ने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस किताब की कोई भी कॉपी- चाहे प्रिंट, डिजिटल, PDF या किसी और रूप में- शेयर की जा रही है, तो वह कॉपीराइट का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब राहुल गांधी ने लोकसभा में “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” की एक कॉपी दिखाई। इसके बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने कड़ा विरोध जताया और कहा कि विपक्ष के नेता संसद में किसी भी ऐसी किताब का उदाहरण और हवाला नहीं दे सकते, जो अभी तक छपी न हो।

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