Mehul Choksi Extradition: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 13,000 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी मामले में आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के लिए अब सभी रास्ते बंद हो गए हैं। बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्यर्पण के खिलाफ मेहुल चोकसी की अपील खारिज कर दी है। भगोड़े कारोबारी ने बेल्जियम की कोर्ट ऑफ कैसेशन (सुप्रीम कोर्ट) में मेहुल चोकसी ने याचिका दाखिल कर अपने प्रत्यर्पण को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उसको भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई को जवाब देते हुए 'कोर्ट ऑफ कैसेशन' के प्रवक्ता एडवोकेट-जनरल हेनरी वेंडरलिंडेन ने कहा, "कोर्ट ऑफ कैसेशन ने अपील को खारिज कर दिया। इसलिए, अपीली अदालत का फैसला कायम है। एंटवर्प की 'कोर्ट ऑफ अपील' ने चोकसी के प्रत्यर्पण के भारत के अनुरोध को लागू-योग्य बताते हुए बरकरार रखा था।
कोर्ट ऑफ अपील ने अपने फैसले में कहा था कि 13,000 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किए जाने पर निष्पक्ष सुनवाई से वंचित किए जाने या किसी प्रकार के दुर्व्यवहार का कोई जोखिम नहीं है। जिला अदालत ने मई 2018 और जून 2021 में मुंबई की विशेष अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को लागू-योग्य बताया था।
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के सिलसिले में भारत में वांछित चोकसी 2018 से विदेश में प्रत्यर्पण की कार्यवाही का सामना कर रहा है। बाद में उसने अपने वकीलों विजय अग्रवाल, राहुल अग्रवाल और जैस्मीन पुरानी के जरिए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एक स्पेशल कोर्ट में याचिका दायर की।
इस अर्जी में उसने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) घोषित करने वाली अपील को खारिज करने की मांग की। हालांकि, पिछले महीने मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने उसे FEO घोषित करने की कार्यवाही को रद्द करने की उसकी अर्जी खारिज कर दी।
चोकसी और उसका भतीजा नीरव मोदी इस कई करोड़ रुपये के घोटाले में मुख्य आरोपी हैं। इसकी जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) और ED दोनों कर रहे हैं। मेहुल चोकसी को 12 अप्रैल, 2025 को गिरफ्तार किया गया था। उसे आगे की न्यायिक कार्यवाही के लिए हिरासत में रखा गया है।
13,000 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी मामले में चोकसी के भांजे एवं हीरा व्यापारी नीरव मोदी के बाद दूसरे प्रमुख आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शनिवार (12 अप्रैल) को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर की गई। चोकसी इलाज के लिए बेल्जियम गया था जिसके बाद से वह वहीं था। भारत छोड़ने के बाद से वह 2018 से एंटीगुआ में रह रहा था।