मुंबई के एक घर में महीनों तक एक ऐसा राज छिपा रहा, जिसे न सुना जा सका और न ही समझा जा सका। एक 20 साल की युवती, जो न सुन सकती है और न बोल सकती है, अपने ही दर्द की कैदी बनी रही। अब इस सनसनीखेज मामले में पुलिस जांच ने ऐसा सच उजागर किया है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। DNA टेस्ट में खुलासा हुआ है कि युवती के गर्भ में पल रहा बच्चा उसके अपने ही बाप का है! इसके बाद पुलिस ने पिता पर कथित तौर पर रेप का मुकदम दर्ज कर जांच, शुरू की तो पता चला ये मामला सिर्फ रेप नहीं बल्कि गैंगरेप का है।
पुलिस के मुताबिक, यह वारदात मार्च 2024 में मुंबई में हुई थी, लेकिन इसका खुलासा सितंबर में हुआ, जब युवती पांच महीने की गर्भवती थी।
सितंबर 2025 में युवती को पेट में तेज तकलीफ हुई। उसने इशारों में अपनी दादी को बताया कि उसे ऐसा लग रहा है, जैसे पेट के अंदर कीड़े चल रहे हों। घर वाले उसे अस्पताल लेकर गए, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि लड़की प्रेग्नेंट है।
ये सुनते ही परिवार वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामले की जांच शुरू हुई।
पीड़िता अपनी बात कहने में असमर्थ थी। न सुन पाने और न बोल पाने की वजह से पुलिस को उससे बातचीत करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुरुआत में युवती बयान देने से भी हिचक रही थी।
जब पुलिस ने उसके पिता से पूछताछ की, तो उसने यौन शोषण की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया। इतना ही नहीं, उसने शिकायत दर्ज कराने से भी इनकार कर दिया।
काउंसलिंग के बाद टूटी चुप्पी
काउंसलिंग के बाद युवती ने हिम्मत जुटाई और पुलिस को इशारों में पूरी आपबीती बताई।
उसकी शिकायत के बाद पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया और एक 17 साल के नाबालिग को हिरासत में लिया। युवती ने दोनों को अपने साथ दुष्कर्म करने वालों के रूप में पहचाना।
DNA टेस्ट ने बदला पूरा केस
जांच के दौरान पुलिस ने 17 संदिग्धों- जिसमें पिता भी शामिल था के DNA और खून के सैंपल लिए। 27 जनवरी को आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पिता का DNA पॉजिटिव मैच हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। कुछ आरोपी उसे सुनसान जगहों पर ले जाते थे और कथित तौर पर उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाते थे।
पुलिस को शक है कि इन ड्रिंक्स का इस्तेमाल उसे बेहोश या कमजोर करने के लिए किया गया हो।
कई लोगों की भूमिका की जांच
पुलिस को आशंका है कि युवती की हालत का फायदा कई लोगों ने उठाया। हालांकि, पिता को मुख्य आरोपी बताया गया है, लेकिन पुलिस अभी और लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अपराध किस क्रम में और कैसे हुआ।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 64(2)(i) और 64(2)(k) के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच अभी जारी है, और हर नई कड़ी इस खामोश अपराध की भयावह सच्चाई को सामने ला रही है।