राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक ऐसी वारदात ने पूरे इलाका को हिलाकर रख दिया है, जिसने पवित्र रिश्तों की बुनियाद को ही पूरी तरह हिला कर रख दिया। शुक्रवार की सुहावनी शाम थी, जब राजस्थान के नवविवाहित दंपति आशीष और अंजू टहलने निकले थे, तभी एक गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। आशीष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अंजू के सोने के गहने लूट लिए गए और वह सड़क पर बेहोश पड़ी रही। जहां दुनिया इसे एक दर्दनाक सड़क हादसा समझ रही थी, वहां छिपी थी एक खूनी साजिश- एक नई-नवेली दुल्हन की बेवफाई और प्रेम की आग में जली हुई हत्या की कहानी।
शादी के महज तीन महीने बाद ही दुल्हन ने अपने पुराने प्रेमी के साथ मिलकर पति का 'गेम ओवर' करने की साजिश रच डाली। यह कोई हिट एंड रन नहीं था- यह था एक हनीमून मर्डर!
रावला थाना क्षेत्र की सुनसान सड़क पर 25 साल के आशीष की लाश पड़ी थी। उसकी पत्नी अंजू बिलखती हुई रो रही थी- कहानी सुनाई कि एक अज्ञात गाड़ी ने उन्हें टक्कर मारी, लुटेरों ने गहने छीन लिए। लेकिन गंगानगर SP अमृता दुहान की निगाहों ने इस 'परफेक्ट मर्डर' की परतें उधेड़ दीं।
23 साल की अंजू अपनी शादी से कभी खुश नहीं थी। उसका दिल अभी भी पुराने प्रेमी संजू के लिए धड़कता था। शादी के बाद जब वह मायके सदुलशहर गई, तो वहां फिर से संजू के करीब आ गई। फिर वहीं रची गई आशील की हत्या की पूरी स्क्रिप्ट।
अंजू ससुराल लौटी। उसने आशीष की आदत का फायदा उठाया- वह डिनर के बाद शाम की सैर पर निकलता था। अंजू ने कुछ दिनों से उसके साथ टहलना शुरू किया, लेकिन सिर्फ जाल बिछाने के लिए।
अंजू ने आशीष को जानबूझकर उस सुनसान सड़क पर ले जाकर फंसाया। अंधेरे में झाड़ियों में छिपे थे, संजू और उसके दो साथी-रॉकी उर्फ रोहित और बादल उर्फ सिद्धार्थ। मौत का जाल पहले पहले ही बिछाया जा चुका था और इंतजार था आशीष का।
जैसे ही दंपति वहां पहुंचा, हमलवार आशीष पर टूट पड़े। डंडों से सिर पर वार, बेरहमी से पीटा गया, जब तक वह अधमरा नहीं हो गया। फिर मफलर से गला घोंटकर उसकी सांसें हमेशा के लिए थाम दी गईं। इस वारदात में कोई गाड़ी नहीं थी, क्योंकि ये कोई हादसा भी नहीं, ये तो थी एक पत्नी खौफनाक साजिश।
साजिश को सच का रंग देने के लिए अंजू ने खुद अपने मोबाइल और कान की बालियां संजू को सौंप दीं- ताकि पुलिस इसे लूट और एक्सीडेंट समझ ले। फिर उसने सड़क पर बेहोशी का ऐसा नाटक रचा कि शुरुआत में हर कोई उसे मासूम पीड़िता मान बैठा।
मेडिकल रिपोर्ट ने पूरा राज खोल दिया- आशीष के शरीर पर चोटें एक्सीडेंट की नहीं, बल्कि बेरहमी से मारपिटाई की थीं। गला घोंटा गया था। सबसे घातक सबूत? अंजू का फोन। कॉल रिकॉर्ड्स चीख-चीखकर बता रहे थे कि घटना से पहले वह संजू से लगातार संपर्क में थी।
पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे अंजू टूट गई। आंसुओं के साथ उसने अपनी बेवफाई और खूनी दास्तां कबूल ली। SP अमृता दुहान की लीडरशिप में पुलिस ने अंजू, उसके प्रेमी संजू और दोनों साथियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
चारों कातिल अब सलाखों के पीछे
गंगानगर पुलिस ने तकनीकी जांच, FSL टीम की मदद से इस अंधेरे कत्ल की गुत्थी महज कुछ ही दिनों में सुलझा दी। मुख्य आरोपी अंजू, उसके प्रेमी संजू, और साथियों रॉकी व बादल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
तीन महीने पुरानी शादी का ऐसा खौफनाक अंत जानकर पूरा इलाका सन्न रह गया। जहां अंजू ने सात जन्मों का साथ निभाने का झूठा वादा किया था, तो वहीं बेगुनाह और निर्दोष आशीष उसके कालंकित कारनामे की बलि चढ़ गया। यह कहानी सिर्फ एक हत्याकांड नहीं- यह है विश्वासघात की वो सच्चाई, जो रिश्तों को जड़ से उखाड़ फेंकती है।