Medical Store Strike: ऑनलाइन दवा बेचने वाली कंपनियों के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने कल यानी 20 मई को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है। इस बंद के आह्वान के बाद मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच हड़कंप मच गया है कि इमरजेंसी की स्थिति में दवाइयां कहां से मिलेंगी।
लेकिन आम जनता के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। देश के कई बड़े राज्यों के दवा संघों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए इस हड़ताल से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। साथ ही सरकार ने भी वैकल्पिक इंतजाम पुख्ता कर दिए हैं। आइए आपको बताते हैं कल बंद के दौरान आपातकाल में कहां-कहां दवाइयां मिलेंगी।
Emergency Guide: बंद के दौरान यहां मिलेगी हर दवा
अगर आपके घर में कोई गंभीर मरीज है या कल किसी आपातकालीन दवा की जरूरत पड़ती है, तो पैनिक होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। पूरे देश में ये मेडिकल स्टोर्स पूरी तरह खुले रहेंगे:
अस्पतालों के मेडिकल स्टोर: सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के अंदर स्थित चौबीसों घंटे (24x7) चलने वाले फार्मेसी स्टोर्स खुले रहेंगे।
जन औषधि केंद्र: सरकार द्वारा संचालित सभी 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र' सामान्य दिनों की तरह काम करेंगे, जहां सस्ती जेनेरिक दवाइयां मिलती हैं।
अमृत फार्मेसी (AMRIT Outlets): कैंसर और दिल की गंभीर बीमारियों की दवा देने वाले सरकारी 'अमृत फार्मेसी' के सभी आउटलेट्स खुले रहेंगे।
प्रमुख फार्मेसी चेन्स: अपोलो फार्मेसी, मेडप्लस जैसी सभी बड़ी संगठित रिटेल फार्मेसी चेन्स ने भी बंद में शामिल न होने का फैसला किया है।
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत इन 12 राज्यों में नहीं होगा बंद
सूत्रों के मुताबिक, देश के 12 बड़े राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के रिटेल केमिस्ट एसोसिएशनों ने लिखित आश्वासन दिया है कि वे इस हड़ताल में हिस्सा नहीं लेंगे और अपने राज्यों में दवाओं की सप्लाई चेन को प्रभावित नहीं होने देंगे।
इन राज्यों में खुले रहेंगे सामान्य मेडिकल स्टोर:
रेगुलेटर के आश्वासन के बाद पीछे हटे संगठन
हाल ही में AIOCD के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय दवा नियामक से मुलाकात कर अपनी चिंताएं जताई थीं। नियामक ने उन्हें आश्वासन दिया है कि ई-फार्मेसी के कामकाज की सक्रिय रूप से समीक्षा की जा रही है और रिटेलर्स के हितों की रक्षा के लिए कानूनी ढांचे की जांच हो रही है। सरकार के इस पॉजिटिव रुख को देखते हुए ही देश के अधिकांश राज्यों के दवा संगठनों ने हड़ताल वापस लेने या इससे अलग रहने का फैसला किया।
क्यों दी गई हड़ताल की कॉल?
AIOCD का मुख्य विरोध ई-फार्मेसी यानी ऑनलाइन दवा बेचने वाले प्लेटफॉर्म्स के रेगुलेशन को लेकर है। खुदरा दवा विक्रेताओं का आरोप है कि बिना कड़े नियमों के ऑनलाइन दवाइयां बेचे जाने से उनके पारंपरिक बिजनेस को भारी नुकसान हो रहा है।