पाकिस्तान ने गुरुवार रात भारत की पश्चिमी सीमा पर विभिन्न स्थानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला करने की कोशिश की। लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सका। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान ने जम्मू, पठानकोट और उधमपुर में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तानी ड्रोन का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया और उनके प्रयासों को विफल कर दिया गया। कश्मीर घाटी और श्रीनगर में ब्लैकआउट कर दिया गया। राजस्थान के सीमावर्ती जैसलमेर जिले में भी ब्लैकआउट के बीच भारी गोलाबारी की आवाजें सुनाईं दीं। बाड़मेर में भी कई बार सायरन बजाए गए। पंजाब के जालंधर पर भी अटैक और ब्लैकआउट की खबर है।
इस बीच कई फेक न्यूज भी सामने आईं, जिन पर फैक्ट चेक जारी हुआ है। एक रिपोर्ट आ रही थी कि पठानकोट या राजौरी में आतंकवादियों ने सुसाइड अटैक किए हैं। लेकिन ये रिपोर्ट पूरी तरह झूठी हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई की एक एक्स पोस्ट के मुताबिक, सेना के अधिकारियों ने सुसाइड अटैक की खबर को फेक न्यूज बताया है।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि भारतीय सेना ने अमृतसर और अपने नागरिकों पर हमला करने के लिए अंबाला एयरबेस का इस्तेमाल किया। यह एक झूठी खबर है। PIB Fact Check की ओर से एक्स पर डाली गई पोस्ट में कहा गया है कि यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है और एक सुनियोजित मिसइनफॉरमेशन कैंपेन का हिस्सा है।
थल सेनाध्यक्ष के नाम पर फेक लेटर
इस बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा लेटर भी सर्कुलेट हुआ, जिसमें दावा किया जा रहा है कि थल सेनाध्यक्ष जनरल वी.के. नारायण ने उत्तरी कमान के सेना अधिकारी को सैन्य तैयारियों के संबंध में एक कॉन्फिडेंशियल लेटर भेजा है। PIB Fact Check ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि लेटर फेक है और इसे इंडियन आर्मी ने जारी नहीं किया है और जनरल वी.के. नारायण थल सेनाध्यक्ष नहीं हैं।
पोस्ट में नागरिकों को यह भी निर्देश है कि वे असत्यापित यानि अनवेरिफाइड जानकारी शेयर करने से बचें और सटीक जानकारी के लिए केवल भारत सरकार के आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।