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'BS-III वाहनों में बदलने पड़ सकते हैं रबर पार्ट्स'; E20 पेट्रोल पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान

E20 petrol Row: सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार (29 जुलाई) को राज्यसभा को बताया कि 2005 और 2016 के बीच बनी BS-III गाड़ियों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर कुछ रबर पार्ट्स और गास्केट बदलने पड़ सकते हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि स्टडीज में इस ब्लेंडेड फ्यूल का गाड़ी की परफॉर्मेंस पर कोई बड़ा असर नहीं देखा गया है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 30, 2026 पर 9:14 AM
'BS-III वाहनों में बदलने पड़ सकते हैं रबर पार्ट्स'; E20 पेट्रोल पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान
E20 petrol Row: गडकरी ने कहा कि इस ईंधन से वाहन के इंजन या उसके प्रदर्शन पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं देखा गया है

E20 petrol Row: केंद्र सरकार ने पहली बार साफ किया है कि E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल-ब्लेंडेड ईंधन) से BS-III कैटेगरी के कुछ पुराने वाहनों में रबर के कुछ पार्ट्स और गैस्केट बदलने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, सरकार ने यह भी कहा है कि इस ईंधन से वाहन के इंजन या उसके प्रदर्शन पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं देखा गया है। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार (29 जुलाई) को राज्यसभा को बताया कि 2005 और 2016 के बीच बनी BS-III गाड़ियों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर कुछ रबर पार्ट्स और गास्केट बदलने पड़ सकते हैं।

साथ ही, उन्होंने कहा कि स्टडीज़ में इस ब्लेंडेड फ्यूल का गाड़ी की परफॉर्मेंस पर कोई बड़ा असर नहीं देखा गया है। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' के मुताबिक, एक सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा कि IOCL, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) की स्टडीज से पता चला है कि E20 फ्यूल के साथ टेस्ट करने पर भी BS-VI गाड़ियां एमिशन नॉर्म्स को पूरा करती रहीं।

गडकरी ने आगे कहा कि स्टडीज में यह भी पाया गया कि BS-VI वाहन E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बावजूद निर्धारित उत्सर्जन (Emission) मानकों का पालन करते हैं। यानी नए वाहनों पर E20 ईंधन का कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया।

'इंजन में बदलाव की जरूरत नहीं'

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