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जब फायर फाइटर्स हमारे ‘तारणहार’ बने थे!

टेक्नोलॉजी के इस दौर में जब रिमोट कंट्रोल से भी लाइफ जैकेट काफी दूर तक पहुंचाई जा सकती है, एनसीआर के महत्वपूर्ण हिस्से नोएडा में एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल की मौत पानी से भरे गड्ढे में डूब जाने की वजह से हो गई, वो भी पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ के जवानों के सामने। इससे उलट इन पंक्तियों के लेखक की जान अहमदाबाद में फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने बचाई थी, बाढ के दौरान, उफनती लहरों के बीच, नाव डूब जाने के बावजूद, बीस साल पहले

Brajesh Kumar Singhअपडेटेड Jan 23, 2026 पर 5:19 PM
जब फायर फाइटर्स हमारे ‘तारणहार’ बने थे!
जुलाई 2006 में अहमदाबाद में फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई थी।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का अहम हिस्सा है, नोएडा। देश के अंदर जो शहर सबसे तेजी के साथ विकसित हो रहे हैं, उनमें से एक है नोएडा। हर क्षेत्र की महत्वपूर्ण कंपनियों के दफ्तर से लेकर बड़ी और प्रीमियम रिहाइशी सोसायटियां हैं यहां। गुड़गांव की तरह यहां भी अब पचीस करोड़ रुपये तक के अपार्टमेंट्स बिक रहे हैं।

नोएडा के जो सेक्टर सबसे प्रीमियम हैं, उनमें से एक है सेक्टर- 150, जिसमें रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े सभी बड़े डेवलपर्स अपनी स्कीम लेकर आये हैं। इस सेक्टर को स्पोर्ट्स सिटी के तौर पर विकसित करने की योजना थी, लेकिन अभी ये खिचड़ी स्थिति में है। कुछ अपार्टमेंट्स बन गये हैं, तो कुछ निर्माण के दौर से गुजर रहे हैं। वहां खेल सुविधाएं विकसित नहीं हुई हैं, जिसे लेकर काफी विवाद भी हुआ, मामला कोर्ट में है।

इसी सेक्टर 150 में पिछले शुक्रवार की देर रात एक ऐसी घटना घटी, जिसने सबको झकझोर दिया। उस रात आईटी सेक्टर में काम कर रहा एक युवक गुड़गांव में अपने साथियों के साथ पार्टी करने के बाद नोएडा सेक्टर 150 स्थित अपने घर लौट रहा था।

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