Noida Metro: नोएडा मेट्रो का होगा विस्तार! केंद्र ने ₹2,254 करोड़ के प्रोजेक्ट को दी मंजूरी, 'एक्वा लाइन' में 8 स्टेशन होंगे शामिल

Cabinet Decision: नोएडा के लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा तोहफा दिया है। नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में शहरी मोबिलिटी को पूरी तरह बदलने के लिए एक अहम कदम उठाते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने नोएडा मेट्रो की 'एक्वा लाइन' के लंबे समय से इंतजार किए जा रहे एक्सटेंशन को मंजूरी दे दी है

अपडेटेड Feb 15, 2026 पर 7:37 AM
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Cabinet Decision: एक्वा लाइन के विस्तार से नोएडा का मेट्रो नेटवर्क 61.62 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा

Cabinet Decision: बॉटनिकल गार्डन से नोएडा सेक्टर 142 तक 'एक्वा लाइन' के विस्तार में कुल आठ स्टेशन शामिल होंगे। इससे नोएडा का कुल ऑपरेशनल मेट्रो नेटवर्क बढ़कर 61.62 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा। केंद्र सरकार ने शनिवार (14 फरवरी) को एक्वा लाइन मेट्रो कॉरिडोर के इस विस्तार को मंजूरी दी, जिसकी अनुमानित लागत 2,254.35 करोड़ रुपये है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा जारी बयान के अनुसार, 11.56 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड खंड मंजूरी की तारीख से चार वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस कॉरिडोर पर प्रस्तावित स्टेशन हैं उनमें बॉटनिकल गार्डन, नोएडा सेक्टर 44, नोएडा ऑफिस, नोएडा सेक्टर 97, नोएडा सेक्टर 105, नोएडा सेक्टर 108, नोएडा सेक्टर 93 और पंचशील बालक इंटर कॉलेज शामिल है।

प्रोजेक्ट की बड़ी बातें

  • अधिकारियों ने बताया कि यह कॉरिडोर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए संपर्क व्यवस्था को काफी बेहतर बनाएगा।
  • साथ ही इससे आईजीआई एयरपोर्ट, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बोड़ाकी में प्रस्तावित मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक पहुंच भी आसान होगी।
  • इंडिपेंडेंट एक्वा लाइन को बड़े दिल्ली मेट्रो सिस्टम के साथ जोड़कर इस एक्सटेंशन का मकसद उन हजारों यात्रियों को एक आसान, हाई-स्पीड विकल्प देना है जो रोज़ाना नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से गुजरते हैं।
  • नए कॉरिडोर में आठ एलिवेटेड स्टेशन होंगे, जो घनी आबादी वाले इलाकों और बढ़ते कमर्शियल जोन को सर्विस देने के लिए खास जगहों पर होंगे। इस प्रोजेक्ट पर 2,254 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
  • इसे अगले चार सालों में पूरा करने की उम्मीद है। एक बार चालू होने के बाद यह नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक्टिव मेट्रो नेटवर्क को 61 किलोमीटर से ज्यादा तक बढ़ा देगा।
  • इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत बॉटनिकल गार्डन स्टेशन को एक मेगा-ट्रांजिट हब में बदलना है। पहली बार एक्वा लाइन के यात्रियों को ब्लू लाइन (सेंट्रल दिल्ली और द्वारका को जोड़ने वाली) और मैजेंटा लाइन (IGI एयरपोर्ट और साउथ दिल्ली के लिए एक तेज रास्ता देने वाली) तक सीधी पहुंच मिलेगी।
  • इससे अभी की लॉजिस्टिक दिक्कत खत्म हो जाएगी, जहां यात्रियों को सेक्टर 51 से उतरकर दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के लिए सड़क से ट्रांसफर लेना पड़ता था। यह एक्सटेंशन सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट लिंक से कहीं अधिक है। यह नोएडा के IT कॉरिडोर के लिए एक जरूरी रास्ता है।
  • यह रास्ता माइक्रोसॉफ्ट, TCS, इंफोसिस, एडोब और ओरेकल जैसी बड़ी कंपनियों वाले बड़े मल्टीनेशनल हब और कॉर्पोरेट पार्कों को सीधी कनेक्टिविटी देगा। इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट से एमिटी यूनिवर्सिटी जैसे कई बड़े एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और सेक्टर- 128 में मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल जैसी जरूरी हेल्थकेयर सुविधाओं को फायदा होगा।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ईज ऑफ लिविंग' विजन के मुताबिक, इस एक्सटेंशन से नोएडा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की भीड़ बहुत कम होने की उम्मीद है, जहां पीक-ऑवर में जाम लगने का खतरा बढ़ गया है। कम एमिशन वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तरफ बढ़ावा देकर सरकार कार्बन एमिशन और फ्यूल की खपत में काफी कमी की उम्मीद करती है।
  • सेक्टर 93, 105, 108 और 142 में रहने वालों के लिए यह प्रोजेक्ट काफ फायदेमंद है। इससे रियल एस्टेट की अच्छी-खासी वैल्यू बढ़ने की उम्मीद है।


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