Noida protest updates: राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा से फिर से हिंसा की खबरें आ रही हैं। नोएडा के सेक्टर 80 में एक बार फिर पत्थरबाजी हुई है। हिंसा की खबर मिलते ही नोएडा पुलिस ने तुरंत दखल दिया और स्थिति को काबू में करने में कामयाबी हासिल की। इससे मौके पर मौजूद मजदूर शांत हो गए। हालांकि, सेक्टर 70 में हिंसा अभी भी जारी है। बवाल को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
न्यूज 18 के मुताबिक, मंगलवार (14 अप्रैल) सुबह से प्रदर्शनकारी बार-बार पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंक रहे हैं। सुरक्षा बल बड़ी संख्या में तैनात हैं। सुरक्षाबल भीड़ को तितर-बितर करने तथा कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
फेज 2 और सेक्टर 121 में पथराव
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद, आज नोएडा के फेज 2 में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और पत्थरबाजी की। हालात को काबू में करने के लिए यहां पुलिस तैनात की गई है। प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया जा रहा है। नोएडा के सेक्टर 121 में क्लियो काउंटी के बाहर भी मजदूरों के अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन के बाद पत्थर फेंके गए। बाद में पुलिस ने उन्हें तितर-बितर कर दिया।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में विभिन्न मांगों को लेकर श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शनों के बाद योगी सरकार ने सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है। संशोधित दरें एक अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों को अब 11,313 रुपये प्रति माह के बजाय 13,690 रुपये प्रति माह मिलेंगे। जबकि अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी।
अन्य नगर निगम क्षेत्रों के लिए संशोधित मासिक वेतन अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये तय किया गया है। बाकी जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12,356 रुपये प्रतिमाह, अर्द्धकुशल श्रमिकों को 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
यह कदम सोमवार को नोएडा में फैक्टरी श्रमिकों द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। सोमवार को हजारों श्रमिकों ने अधिक सैलरी और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। जिले के कुछ हिस्सों में प्रदर्शन हिंसक हो गए थे। जिसके बाद सरकार ने स्थिति से निपटने तथा श्रमिकों और नियोक्ताओं के साथ बातचीत के लिए एक समिति गठित की।
नोएडा के कई सेक्टर में हिंसा
नोएडा में सैलरी वृद्धि की मांग को लेकर फैक्टरी कर्मियों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान सोमवार को जमकर हिंसा हुई। इस दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस की एसयूवी समेत कई वाहनों में आग लगा दी गई। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। कई जगहों पर पथराव की घटनाएं सामने आईं।
प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक ठप हो गया, जिससे सुबह के व्यस्त समय में दिल्ली जाने वाली विभिन्न सड़कों पर हजारों यात्री फंस गए। दिल्ली-नोएडा सीमा पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। अधिकारियों ने बताया कि फेज-2 और सेक्टर-60 स्थित विभिन्न कंपनियों के कर्मचारी बड़ी संख्या में सुबह एकत्र हुए। उन्होंने वेतन संशोधन की अपनी काफी समय से लंबित मांग को लेकर नारेबाजी तथा प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि श्रमिक अन्य मांगों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य हरियाणा की तर्ज पर वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं। सेक्टर-62 और सेक्टर-84 में भी मजदूरों ने सुबह से ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-9 को भी जाम कर दिया।
इससे गाजियाबाद के पास दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले प्रमुख रूस्ट पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने संपत्ति में तोड़फोड़ की। पथराव किया और वाहनों में आग लगा दी।