Noida Protest Update: यूपी के मजदूरों को बड़ा तोहफा! प्रदर्शन के बाद योगी सरकार ने बढ़ाई सैलरी, नोएडा-गाजियाबाद में अब इतना मिलेगा न्यूनतम वेतन, देखें- डिटेल्स

Noida Workers Protest: दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में मजदूरों के हालिया हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में बदलाव की घोषणा की है। नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल मजदूरों की मासिक मजदूरी ₹11,313 से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दी गई है। यह 1 अप्रैल से लागू होगी

अपडेटेड Apr 14, 2026 पर 9:23 AM
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Noida Workers Protest: नोएडा और गाजियाबाद में मजदूरों की सैलरी में भारी इजाफा किया गया है

Noida Workers Protest: उत्तर प्रदेश के नोएडा में भारी विरोध-प्रदर्शन के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने मजदूरों को बड़ी राहत दी है। नोएडा और गाजियाबाद के मजदूरों की सैलरी में भारी इजाफा किया गया है। हिंसक प्रदर्शन के एक दिन बाद मंगलवार (14 अप्रैल) को उच्च-स्तरीय समिति ने कर्मचारियों की सैलरी बढाने की घोषणा की। अब अकुशल श्रमिकों को 13,690 रुपये सैलरी मिलेगी। जबकि कुशल मजदूरों को 16,868 रुपये मिलेंगे।

नोएडा और गाजियाबाद में मजदूरों के हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात न्यूनतम मजदूरी में बदलाव का फैसला किया। नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल मजदूरों की मासिक मजदूरी अब ₹11,313 से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दी गई है। यह 1 अप्रैल से लागू होगी।

इसी तरह, अर्ध-कुशल और कुशल मजदूरों की मजदूरी में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने राज्य के अन्य नगर निगमों और ज़िलों में भी अलग-अलग दरों से मजदूरी में बढ़ोतरी लागू की है। यह कदम मजदूरों की बेहतर सैलरी और काम करने की बेहतर स्थितियों की बढ़ती मांगों के बीच उठाया गया है।


उच्च स्तरीय समिति का गठन

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। सैलरी वृद्धि की मांग को लेकर फैक्टरी कर्मियों द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद एक उच्च स्तरीय समिति ने श्रमिक प्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों के साथ बैठक की। बैठक ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सभागार में हुई।

गौतम बुद्ध नगर जनपद के सूचना निदेशक सुनील कुमार कनौजिया ने बताया कि समिति जनपद की विभिन्न कंपनियों में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं को विस्तार से सुन रही है। श्रमिकों ने सैलरी वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, श्रमिक हितों की सुरक्षा तथा काम के सम्मानजनक वातावरण जैसी प्रमुख मांगें समिति के समक्ष रखीं।

मजदूरों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

कनौजिया ने बताया कि समिति ने सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए श्रमिकों को विश्वास दिलाया कि उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो। साथ ही सभी कंपनियों में श्रम कानूनों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि समिति ने सभी श्रमिकों से अपील की है कि वे अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट कर शांतिपूर्वक काम करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाहों पर ध्यान न दें।

सूचना निदेशक के अनुसार, समिति ने श्रमिकों से कहा कि वे केवल आधिकारिक रूप से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें। ताकि औद्योगिक वातावरण में सौहार्द, विश्वास और स्थिरता बनी रहे। समिति के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त हैं। जबकि अपर मुख्य सचिव (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग) तथा प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन विभाग) उसके सदस्य हैं। इसके अतिरिक्त सदस्य सचिव के रूप में श्रम आयुक्त (कानपुर-उप्र) को नामित किया गया है।

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नोएडा में हिंसक प्रदर्शन

नोएडा में सैलरी वृद्धि की मांग को लेकर फैक्टरी कर्मियों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान सोमवार को जमकर हिंसा हुई। इस दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस की गाड़ी समेत कई वाहनों में आग लगा दी गई। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। कई जगहों पर पथराव की भी घटनाएं हुईं।

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प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक ठप हो गया। सुबह के व्यस्त समय में दिल्ली जाने वाली विभिन्न सड़कों पर हजारों यात्री फंस गए। दिल्ली-नोएडा सीमा पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। अधिकारियों ने बताया कि फेज-2 और सेक्टर-60 स्थित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारी बड़ी संख्या में सुबह एकत्र हुए। उन्होंने सैलरी संशोधन की अपनी काफी समय से लंबित मांग को लेकर नारेबाजी की तथा प्रदर्शन किया।

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