Noida Workers Protest: क्या नोएडा में साजिश के तहत भड़काई गई हिंसा? दो सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ FIR दर्ज
Noida Workers Protest: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा के फेज-2, सेक्टर-60, 62 और 84 समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन सोमवार (13 अप्रैल) को हिंसक हो गया। इस दौरान पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई। वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया
Noida Workers Protest: बताया जा रहा है कि दो सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए गलत जानकारी फैलाने के कारण विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया
Noida Workers Protest: नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच इस मामले में अफवाहें फैलाने के आरोप में दो सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा है कि सरकार श्रमिकों के हितों के प्रति पूरी संवेदनशील है। सभी पक्षों से संवाद के माध्यम से जल्द समाधान निकालने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि जानबूझकर अराजकता फैलाने, सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने तथा हिंसा एवं आगजनी के षड्यंत्र में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि नोएडा में श्रमिक आंदोलन की स्थिति पर लगातार उच्चस्तरीय निगरानी रखी जा रही है। डीजीपी कृष्ण और अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश कंट्रोल रूम से पल-पल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
पुलिस के बयान में कहा गया है, "गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों और लोगों को भड़काने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।" पुलिस ने बताया कि इस मामले में अफवाह फैलाने के आरोप में दो X हैंडल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अलावा 50 से अधिक ऐसे 'बॉट हैंडल' चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें पिछले 24 घंटे में बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार, ये हैंडल नोएडा में श्रमिकों से जुड़े मुद्दे पर अफवाह फैलाने तथा भ्रामक सूचना फैलाने का सुनियोजित प्रयास कर रहे हैं। डीजीपी ने कहा कि यूपी STF सभी हैंडल्स के डिजिटल ट्रेल की विस्तृत जांच करेगा। उन्होंने कहा कि अफवाह एवं दुष्प्रचार के जरिए कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले ऐसे समस्त हैंडल्स के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
डीजीपी ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना, वीडियो, पोस्ट या संदेश पर भरोसा न करें। केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानें। पुलिस ने कहा कि नोएडा में कथित रूप से बाहरी तत्वों के उकसावे पर कई स्थानों पर प्रदर्शन और एक जगह पर हिंसा हुई। इसे न्यूनतम बल का उपयोग करके काबू में कर लिया गया।
गोलीबारी की खबर गलत
पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस घटना के दौरान कोई गोलीबारी नहीं की गई है। लोगों से आग्रह है कि वे गलत जानकारी न फैलाएं। पुलिस का यह बयान नोएडा में कई स्थानों पर सैलरी वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों के हिंसक आंदोलन के बीच आया है। पुलिस ने लोगों से एक बार फिर अपील की कि अपुष्ट सूचना साझा करने से बचें और शांति बनाए रखें।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने शाम सात बजे पुलिस मुख्यालय से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश के साथ नोएडा के समस्त थाना प्रभारियों, सीनियर अधिकारियों और नोएडा में कानून-व्यवस्था बरकरार रखने में जुटे अधिकारियों को संबोधित किया।
सभी अधिकारी अपने-अपने ड्यूटी स्थल पर तैनात रहते हुए मोबाइल के माध्यम से इस वीडियो कांफ्रेंस में शामिल हुए। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि श्रमिकों के साथ सहानुभूतिपूर्ण एवं निरंतर संवाद बनाए रखा जाए। किसी भी स्थिति में संयम न खोया जाए। साथ ही अराजकता फैलाने, आगजनी एवं तोड़फोड़ करने अथवा अफवाहें फैलाने वाले तत्वों को चिह्नित करके उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
42 हजार कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सोमवार को कहा कि नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन में मात्र दो स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन होने के कारण बल प्रयोग किया गया। पुलिस आयुक्त सिंह ने पत्रकारों से कहा, "नोएडा में 83 स्थानों पर लगभग 42 हजार श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। इसमें मात्र दो स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन होने के कारण बल प्रयोग किया गया।"
उन्होंने कहा कि बाकी स्थानों पर संयम का परिचय देते हुए बातचीत की गई। बातचीत के बाद कुछ श्रमिक वापस चले गए। सिंह ने कहा कि श्रमिकों के जाने के बाद सीमावर्ती जिलों से कुछ लोग समूह में आए और माहौल को उत्तेजित एवं हिंसक बनाने की कोशिश की।
83 जगहों पर विरोध प्रदर्शन
सिंह ने कहा कि लगभग 42,000 श्रमिकों ने 83 अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया। इनमें से 78 जगहों पर प्रदर्शनकारियों को समझाया-बुझाया गया। फिर शांतिपूर्वक तितर-बितर कर दिया गया। श्रमिकों की पांच में से चार मांगें मान ली गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाकी मांगों को सुलझाने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई है। मुख्यमंत्री इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं।
सिंह ने कहा कि इस समूह में से कुछ लोग हमारी गिरफ्त में आए हैं। कुछ लोगों की सीसीटीवी के जरिए पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नोएडा के फेज-2, सेक्टर-60, 62 और 84 समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों में सैलरी वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो गया। इस दौरान पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई। कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया।
उत्तर प्रदेश के श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने नोएडा हिंसा को सुनियोजित साजिश करार देते हुए सोमवार को कहा कि यह घटना प्रदेश के विकास और शांति व्यवस्था को बाधित करने के उद्देश्य से कराई गई प्रतीत होती है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक राजभर ने कहा कि पिछले दिनों मेरठ और नोएडा से चार संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनके तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से जुड़े थे।
उन्होंने अंदेशा जताया कि ऐसे में प्रदेश में अस्थिरता फैलाने की साजिश की आशंका को बल मिलता है, जिसकी एजेंसियां गंभीरता से जांच कर रही हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि सोमवार को मुजफ्फरनगर में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को विफल करने के इरादे से भी इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दिए जाने की आशंका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर देश विरोधी ताकतें इस तरह के षड्यंत्र रच रही हैं।