Noida Protest Update: नोएडा हिंसा में तेजस्वी की पार्टी RJD का है हाथ? प्रियंका भारती और कंचना यादव पर FIR दर्ज, क्या है आरोप?

Noida Protest Update: यूपी के नोएडा में हाल ही में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस FIR में RJD प्रवक्ता प्रियंका भारती और डॉ. कंचना यादव समेत कुछ नामजद आरोपियों के साथ-साथ लगभग 150 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है

अपडेटेड Apr 15, 2026 पर 4:06 PM
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RJD प्रवक्ता कंचना यादव और प्रियंका भारती पर नोएडा हिंसा से जुड़े फर्जी वीडियो शेयर करने का आरोप है

Noida Workers Protest Update: मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान नोएडा में हुई हिंसा मामले में एक नया मोड़ आ गया है। नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो के जरिए अफवाह फैलाने के आरोप में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रवक्ता कंचना यादव और डॉ. प्रियंका भारती के खिलाफ FIR दर्ज की है। दोनों प्रवक्ताओं पर आरोप है कि मध्य प्रदेश में पुलिस द्वारा एक व्यक्ति की पिटाई के वीडियो को इन्होंने नोएडा में मजदूरों के आंदोलन से जोड़कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर डालकर माहौल भड़काया।

पुलिस ने बताया कि दोनों ने X पर गुमराह करने वाले वीडियो के कैप्शन में गलत तरीके से नोएडा के मजदूरों के विरोध प्रदर्शन से जोड़ दिया। 'इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक, सोमवार 13 अप्रैल को हुई हिंसा भड़काने में शामिल लोगों के खिलाफ अलग-अलग पुलिस थानों में कुल छह FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, प्रियंका भारती और कंचना यादव के खिलाफ FIR मंगलवार (14 अप्रैल) शाम को दर्ज की गई। यह FIR कमिश्नरेट गौतम बुद्ध नगर के मीडिया सेल में तैनात सब-इंस्पेक्टर सुशील कुमार की शिकायत के आधार पर की गई है।

कानून-व्यवस्था और शांति भंग करने का आरोप


शिकायत के मुताबिक, इन दोनों प्रवक्ताओं पर जिले में कानून-व्यवस्था और शांति भंग करने का आरोप लगाया गया है। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' के मुताबिक, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने 14 अप्रैल को यह मामला दर्ज किया। इस FIR में प्रियंका भारती और कंचना यादव समेत कुछ नामजद आरोपियों के साथ-साथ लगभग 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, शहडोल का एक पुराना वीडियो (तारीख 11 अप्रैल का) गलत तरीके से यह कहकर फैलाया गया कि यह नोएडा की घटना है।

क्या है वीडियो में?

इस वीडियो में कथित तौर पर पुलिस द्वारा एक कार्यकर्ता के साथ मारपीट करते हुए दिखाया गया था। जांच में पता चला कि असल में इस वीडियो में एक शराबी व्यक्ति हंगामा कर रहा था। इसे लोगों में गुस्सा भड़काने के मकसद से गुमराह करने वाले कैप्शन के साथ शेयर किया गया। पुलिस को यह भी पता चला कि नोएडा सेक्टर- 62 में आगजनी होने का जो अलग से दावा किया गया था वह भी झूठा था। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की पोस्ट्स की वजह से शहर के कई हिस्सों में दहशत और तनाव फैल गया था।

नोएडा पुलिस ने X पर लिखा, "मध्यप्रदेश के शहडोल जनपद के बुढार थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा नशे की अवस्था में हंगामा किए जाने की घटना के वीडियो को भ्रामक रूप से जनपद गौतमबुद्ध नगर की घटना बताकर कतिपय सोशल मीडिया एकाउंट से प्रसारित किया जा रहा है, जो पूर्णतः असत्य एवं भ्रामक है। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी प्रकार की सूचना/वीडियो को साझा करने से पूर्व उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।"

नोएडा डीएम की चेतावनी

गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों को चेतावनी दी है कि यदि वे या उनके कर्मचारी किसी भी प्रकार का अनुशासनहीन व्यवहार करते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नोएडा डीएम ने कहा कि ऐसी कंपनियों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा। साथ ही उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

DM की यह चेतावनी नोएडा में स्थित फैक्टरियों के हजारों मजदूरों की सोमवार को व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद आई है। प्रदर्शन ने बाद में हिंसक रूप ले लिया था। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल थीं। विभिन्न कंपनियों की आउटसोर्सिंग एजेंसियों के साथ मंगलवार को बैठक की अध्यक्षता करते हुए रूपम ने जिले में औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए सरकारी दिशानिर्देशों का 100 प्रतिशत पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बीते एक सप्ताह से जारी हिंसक धरना प्रदर्शन के बाद बुधवार को अधिकतर कंपनियां खुल गईं। वहां कामगार काम करने के लिए आए। क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थान भी खुल गए हैं। पुलिस द्वारा की जा रही गिरफ्तारियों के बीच कई कंपनी में बहुत कम कामगार आए। अधिकतर श्रमिकों को यह डर सता रहा है कि कहीं उन्हें उपद्रवी मानकर गिरफ्तार न कर लिया जाए।

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