विदेशी मीडिया ने भी माना भारत को मिली 'सीधी बढ़त', जवाबी हमलों में पाकिस्तान के कई अहम एयरबेस को बना दिया पंगु

Operation Sindoor: मैक्सार टेक्नोलॉजीज और प्लैनेट लैब्स की सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया है, "सैटेलाइट तस्वीरों की जांच से पता चलता है कि हालांकि हमले बड़े थे, लेकिन नुकसान दावे से कहीं ज्यादा सीमित था और भारत के हमलों से ज्यादातर नुकसान पाकिस्तानी ठिकानों पर हुआ

अपडेटेड May 14, 2025 पर 8:57 PM
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Operation Sindoor: विदेशी मीडिया ने भी माना भारत को मिली 'सीधी बढ़त', जवाबी हमलों में पाकिस्तान के कई अहम एयरबेस को बना दिया पंगु

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में ऐसा कहा गया कि हाल ही में पाकिस्तान के साथ चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष में भारत को साफतौर पर बढ़त मिली है। हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला देते हुए पुष्टि की गई है कि भारतीय हमलों ने प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को जोरदार नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, इस्लामाबाद ने असर को कम करने की कोशिश की है। दोनों देश सीमाओं के पार और एक-दूसरे के इलाकों में काफी अंदर तक ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे थे, लेकिन खबरों में दोनों तरफ से एक-दूसरे को ज्यादा नुकसान पहुंचाने के दावा किया जा रहा था। हालांकि, भारत की ओर से जो तस्वीरें पेश की गई हैं, वो बताती हैं भारत का पक्ष ज्यादा मजूबत था।

मैक्सार टेक्नोलॉजीज और प्लैनेट लैब्स की सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया है, "सैटेलाइट तस्वीरों की जांच से पता चलता है कि हालांकि हमले बड़े थे, लेकिन नुकसान दावे से कहीं ज्यादा सीमित था और भारत के हमलों से ज्यादातर नुकसान पाकिस्तानी ठिकानों पर हुआ।"

सबसे साफ उदाहरणों में से एक पाकिस्तान का नूर खान एयरबेस है, जो सेना के मुख्यालय, प्रधान मंत्री दफ्तर और महत्वपूर्ण रूप से, सामरिक योजना प्रभाग से कुछ ही मील की दूरी पर है। पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी इसी एयरबेस की है।


भारतीय हमलों ने बेस पर मौजूद बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया, जिससे कथित तौर पर रनवे और फैसिलिटी तबाह हो गईं। इसके बाद की सैटेलाइट तस्वीरों से नुकसान की साफ पुष्टि हुई, जिससे ये पता चलता है कि भारतीय हमले की कितने सटीकता और जोरदार थे।

पाकिस्तान के संवेदनशील एयरबेसों पर हमला

कराची के नजदीक भोलारी एयरबेस को भी भारतीय सटीक गोलाबारी का खामियाजा भुगतना पड़ा। भारतीय रक्षा अधिकारियों ने कहा कि एक विमान हैंगर को निशाना बनाया गया था, और तस्वीरों से पुष्टि हुई कि स्ट्रक्चर को असल में डायरेक्ट हिट से तगड़ा नुकसान हुआ है।

पंजाब प्रांत के सरगोधा एयरबेस पर रनवे के दो हिस्सों पर कथित तौर पर भारत के सटीक हथियारों से हमला किया गया। हालांकि पाकिस्तान ने नुकसान को छिपाने की कोशिश की, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों से साफ पता चलता है कि नुकसान कितना हुआ है।

एक और जबरदस्त घटना रहीम यार खान एयरबेस से जुड़ी थी, जहां पाकिस्तान को 10 मई को पब्लिक नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसमें रनवे को नॉन-ऑपरेशनल घोषित किया गया, जिससे ये साफ होता है कि एयर ऑपरेशन में भारत ने रुकावट तो पैदा कर दी थी।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है, "भारत को साफ बढ़त पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाने में मिली है, क्योंकि बाद की लड़ाई प्रतीकात्मक हमलों और शक्ति प्रदर्शन से बदलकर एक-दूसरे के डिफेंस क्षमताओं पर हमले में बदल गई।"

पाकिस्तान के दावे नुकसान से मेल नहीं खाते

इसके उलट, रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से अपने जवाबी हमलों के बारे में बताई गई कहानी, जिसमें दो दर्जन भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया गया है, जिसमें उधमपुर एयरबेस को कथित तौर पर “नष्ट” करने की बात भी शामिल है, लेकिन सैटेलाइट वैरिफिकेशन के सामने ये सिर्फ खोखले दावे लगते हैं।

6-7 मई की मध्य रात्रि को भारतीय सशस्त्र बलों ने कुल नौ जगहों पर सटीक हमले किए, और पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (POK) में कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इसे 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया।

इससे तनाव और बढ़ गया, क्योंकि पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए, जिन्हें भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लाहौर और रावलपिंडी जैसे प्रमुख पाकिस्तानी शहरों में सैन्य ठिकानों और एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया। पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) की तरफ से अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क करने के बाद दोनों देश 10 मई को युद्धविराम पर सहमत हुए थे।

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