Odisha News: ओडिशा में मिड-डे मील खाने से 1 छात्र की मौत! 100 से अधिक अस्पताल में भर्ती, सीएम ने दिए जांच के आदेश

Odisha News: अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक सरकारी आदिवासी स्कूल में खाना खाने के दो दिन बाद मंगलवार 15 अप्रैल को 100 से अधिक छात्र बीमार पड़ गए। उनमें से एक 5वीं कक्षा की छात्रा की मौत हो गई। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जांच के आदेश दिए हैं

अपडेटेड Apr 15, 2026 पर 7:33 AM
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Odisha News: ओडिशा के सरकारी स्कूल में खाना खाने के बाद 100 से अधिक छात्र बीमार पड़ गए और एक की मौत़ हो गई

Odisha News: ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक सरकारी आदिवासी आवासीय स्कूल में खाना खाने के दो दिन बाद मंगलवार (14 अप्रैल) को कक्षा पांचवीं की एक छात्रा की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, छात्रा के 100 से अधिक सहपाठी भी मिड-डे मील खाने के बाद बीमार पड़ गए हैं। घटना सामने आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, काकबंधा आश्रम स्कूल के छात्रों ने रविवार सुबह मेन्यू में शामिल नहीं किए गए खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद असहजता की शिकायत की और वे बीमार पड़ गए।

प्रभावित छात्रों के अभिभावकों ने दावा किया कि बच्चों ने खमीरी चावल (पखाला), मसले हुए आलू और आम की चटनी खाई थी। इसके बाद उन्हें दस्त और उल्टी होने लगी। अधिकारियों ने बताया कि 100 से अधिक छात्र बीमार पड़ गए। इसके बाद उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से 67 छात्रों को गंभीर हालत में बारिपदा स्थित पीएमआर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मयूरभंज जिले की कलेक्टर हेमा कांता साय ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, "पांचवीं कक्षा की छात्रा रूपाली बेसरा को सोमवार को अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया था। इलाज के बावजूद मंगलवार सुबह उसकी मृत्यु हो गई।" अधिकारी ने बताया, "फिलहाल 66 छात्र अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि 41 अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। डॉक्टरों की एक टीम को स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। जबकि दूसरा दल स्कूल में तैनात है।"


सीएम ने दिए जांच के आदेश

मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री ने छात्र की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया। साथ ही केंद्रीय मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त को मृत्यु एवं बीमार पड़ने के कारणों की जांच करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, "राजस्व संभागीय आयुक्त बुधवार सुबह घटना की जांच के लिए रसगोबिंदपुर का दौरा करेंगे।"

बयान में यह भी कहा गया है कि माझी ने मृतक के परिजन को मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से तीन लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। बीमार छात्रों की देखभाल के लिए पहले से ही एक मेडिकल टीम मौजूद थी। इसके बावजूद माझी ने IDSP के संयुक्त निदेशक और एक अन्य डॉक्टर को तुरंत मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया।

मेन्यू से बाहर का खाना देने का आरोप

जिला कलेक्टर ने बताया कि और भी छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "पुलिस जांच के अलावा हम एक स्वतंत्र जांच भी करेंगे, क्योंकि यह आरोप लगाया गया था कि हेडमास्टर ने मेन्यू में न लिखी हुई चीजें खाने में दी थीं। इस घटना के लिए जिम्मेदार टीचर और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"

DM ने आगे बताया कि मृतक की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस में एक मामला दर्ज कर लिया गया है। इस बीच, मंगलवार को नाराज ग्रामीणों ने रसगोविंदपुर-जालेश्वर सड़क को जाम कर दिया। वे मृतक के परिवार के लिए मुआवजे और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे थे।

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टीचर सस्पेंड

अधिकारियों ने बताया कि स्कूल के हेड टीचर जयंत कुमार पाणिग्रही को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने मृतक छात्र के परिवार को 7 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। ओडिशा के आवास और शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने अस्पताल में भर्ती छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान उनके माता-पिता से बातचीत की।

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