Noida Protest Updates: उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के एक दिन बाद न्यूनतम मजदूरी में लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। सैलरी बढ़ाने के अलावा सरकार ने मजदूरों की अन्य प्रमुख मांगें भी मान ली है। गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उच्च-स्तरीय समिति का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मजदूरों की सैलरी बढ़ाने समेत उनकी मुख्य मांगें मान ली है। उन्होंने कहा कि कंपनियों के निर्देश जारी किए गए हैं कि मजदूरों की सैलरी हर महीने की 10 तारीख से पहले उनके बैंक अकाउंट में जमा हो जाए।
मेधा रूपम ने आगे बताया कि हर साल नवंबर से पहले बोनस भी दिया जाएगा। साथ ही ओवरटाइम काम के लिए दोगुना वेतन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक छुट्टियों पर काम करने के लिए भी दोगुना वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा हर जगह यौन उत्पीड़न समितियां बनाई जाएंगी। खास बात यह है कि इन समितियों की अध्यक्षता महिलाएं करेंगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि कंपनियों में अब शिकायत पेटियां भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा, "मेरी सभी से अपील है कि हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं है। मैं सभी से आग्रह करती हूं कि गौतम बुद्ध नगर में शांति और व्यवस्था बनाए रखें। कॉल सेंटर और कंट्रोल रूम के नंबर भी जारी कर दिए गए हैं। मजदूर वहां भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। हम इसकी निगरानी करेंगे। और हम तुरंत कार्रवाई करेंगे।"
गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मंगलवार को कहा कि नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के सिलसिले में 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि सात FIR दर्ज की गई हैं। सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही लगातार मार्च निकाले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, "सुबह 5:00 बजे से लगातार मार्च निकाले जा रहे हैं। आज सुबह श्रमिक तीन स्थानों पर इकट्ठा हुए। तत्काल संवाद के बाद उन्हें मात्र 15 मिनट के भीतर शांतिपूर्वक तरीके से हटा दिया गया।" पुलिस कमिश्नर ने कहा, "पिछले दो दिन में कई WhatsApp ग्रुप बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से QR कोड स्कैन करके श्रमिकों को जोड़ा जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि इन गतिविधियों के पीछे एक संगठित और सुनियोजित नेटवर्क सक्रिय है।"
सिंह ने कहा कि अशांति फैलाने में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा, "भीड़ में शामिल ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। भविष्य में भी गिरफ्तारियां की जाएंगी। उनके वित्तीय स्रोतों की भी जांच की जाएगी। यदि यह पाया जाता है कि उन्हें राज्य या देश के बाहर से आर्थिक सहायता मिली है, तो इस संबंध में भी उचित कार्रवाई की जाएगी।"
सिंह ने बताया कि सोमवार को विभिन्न स्थानों से सामने आई घटनाओं के संबंध में सात FIR दर्ज की गई हैं। जबकि 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। सिंह ने कहा कि सरकार श्रमिकों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।