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लोकसभा में ओम बिरला की 'पावरफुल' वापसी: अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद बोले- 'मेरे लिए विपक्ष और सरकार दोनों बराबर, सदन तो नियमों से ही चलेगा'

कुर्सी संभालते ही ओम बिरला ने साफ शब्दों में कहा कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। बुधवार को जब अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग होनी थी, तब ओम बिरला सदन में मौजूद नहीं थे। उनकी जगह जगदंबिका पाल सदन की कार्यवाही संभाल रहे थे

Shubham Sharmaअपडेटेड Mar 12, 2026 पर 12:57 PM
लोकसभा में ओम बिरला की 'पावरफुल' वापसी: अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद बोले- 'मेरे लिए विपक्ष और सरकार दोनों बराबर, सदन तो नियमों से ही चलेगा'
लोकसभा में ओम बिरला की 'पावरफुल' वापसी

लोकसभा की कार्यवाही में आज ओम बिरला एक बार फिर स्पीकर (अध्यक्ष) की कुर्सी पर लौट आए। विपक्षी दलों की तरफ से उनके खिलाफ लाया गया 'अविश्वास प्रस्ताव' (No-confidence motion) खारिज होने के अगले ही दिन उन्होंने सदन की कमान संभाली। अपनी वापसी के साथ ही उन्होंने निष्पक्षता पर सवाल उठाने वालों को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "दो दिन की चर्चा पर मैं भी अपना विचार रखूंगा।"

संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में पिछले कुछ दिनों से चल रहा तनाव आज तब कम होता दिखा, जब ओम बिरला वापस अपनी कुर्सी पर बैठे। उन पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए विपक्ष ने उन्हें हटाने का प्रस्ताव दिया था, जो बुधवार को सदन में गिर गया।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, "आजाद भारत के संसदीय इतिहास में तीसरी बार लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई। मैंने हमेशा यह पक्का करने की कोशिश की है कि सदन में हर सदस्य नियमों और प्रक्रियाओं के अंदर मुद्दों पर अपनी राय रखे।"

"नियम सबके लिए एक हैं"

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