विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए खुशखबरी, अब एक 'टोल-फ्री' नंबर पर मिलेगी पासपोर्ट से जुड़ी हर मदद

Global Passport Helpline: सरकार एक ऐसा सिस्टम बना रही है जो दुनिया के किसी भी कोने से की गई कॉल को सीधे भारत के 'पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम' (PSP) केंद्रों पर लैंड कराएगा। पासपोर्ट की इमरजेंसी कभी भी आ सकती है, इसलिए यह हेल्पलाइन साल के 365 दिन और 24 घंटे काम करेगी

अपडेटेड Feb 22, 2026 पर 9:00 AM
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चाहे पासपोर्ट खो गया हो या रिन्यूअल में कोई दिक्कत हो, अब मदद सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर होगी

Global Passport Helpline: भारत सरकार विदेशों में रहने वाले करोड़ों भारतीय नागरिकों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू करने जा रही है। विदेश मंत्रालय (MEA) एक अंतरराष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे विदेश में बैठा कोई भी भारतीय नागरिक बिना किसी कॉल चार्ज के सीधे भारत के पासपोर्ट सेवा केंद्र से जुड़ सकेगा। चाहे पासपोर्ट खो गया हो या रिन्यूअल में कोई दिक्कत हो, अब मदद सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर होगी और इसके लिए यूजर को एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा।

क्यों पड़ी इस हेल्पलाइन की जरूरत?

विदेशों में पढ़ाई करने वाले छात्रों और नौकरी करने वाले भारतीयों के लिए पासपोर्ट से जुड़ी समस्याएं अक्सर तनाव का कारण बनती हैं। फ्लाइट से ठीक पहले पासपोर्ट खो जाना, वीजा के लिए नाम में सुधार की तत्काल जरूरत ऐसे में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई देशों में भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास बहुत दूर होते है। यह हेल्पलाइन उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो सीधे दूतावास नहीं पहुंच सकते। अभी अंतरराष्ट्रीय कॉल काफी महंगी पड़ती है, लेकिन इस सेवा के बाद कॉल का पूरा खर्च भारत सरकार खुद उठाएगी।


कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

सरकार एक ऐसा सिस्टम बना रही है जो दुनिया के किसी भी कोने से की गई कॉल को सीधे भारत के 'पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम' (PSP) केंद्रों पर लैंड कराएगा। पासपोर्ट की इमरजेंसी कभी भी आ सकती है, इसलिए यह हेल्पलाइन साल के 365 दिन और 24 घंटे काम करेगी। कोशिश यह है कि दुनिया के ज्यादा से ज्यादा देशों के लिए एक यूनिवर्सल नंबर हो, लेकिन जहां तकनीकी दिक्कतें होंगी, वहां अलग टोल-फ्री नंबर दिए जाएंगे। कॉलर को ऐसा महसूस होगा जैसे वह किसी लोकल नंबर पर बात कर रहा है, जबकि उसे जवाब भारत में बैठा एक प्रोफेशनल एक्सपर्ट देगा।

डिजिटल गवर्नेंस और TCS की साझेदारी

यह पहल भारत के डिजिटल गवर्नेंस के विस्तार का हिस्सा है। पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट को साल 2012 में आधुनिक बनाया गया था, जो फिलहाल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के साथ मिलकर काम कर रहा है। वर्तमान में 37 पासपोर्ट कार्यालय, 92 सेवा केंद्र और 450 से ज्यादा डाकघर पासपोर्ट केंद्रों का नेटवर्क है। डेटा की सुरक्षा और पासपोर्ट जारी करने का अधिकार पूरी तरह सरकार के पास है, जबकि तकनीकी प्रबंधन पार्टनर कंपनियां देखती हैं।

इस हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य प्रवासी भारतीयों और सरकार के बीच भरोसे को मजबूत करना है। विदेश मंत्रालय ने इसके लिए दूरसंचार कंपनियों से बोलियां आमंत्रित की है। जब यह सेवा शुरू होगी, तो चाहे कोई छात्र यूरोप में हो या कोई मजदूर खाड़ी देशों में, उसे यह अहसास होगा कि उसकी सरकार उसकी मदद के लिए हमेशा तैयार है।

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