पुलिस अधीक्षक (SP) राम एल. अरसिद्धि ने बताया, "हमारी शुरुआती जांच में पता चला है कि शनिवार शाम करीब 7 बजे यंकन्ना नायडू का पूरा परिवार एक साथ बैठकर फल खा रहा था। परिवार में यंकन्ना, उनकी पत्नी सौजन्या, बेटी प्रगति, बेटा साई और उनके माता-पिता शामिल थे। इसके बाद रात करीब 9 बजे सभी ने साथ में भोजन किया और अपने-अपने कमरों में सोने चले गए। लेकिन रात करीब 10 बजे घर से अचानक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर जब यंकन्ना के पिता ने एक पड़ोसी की मदद से दरवाजा खोला, तो चारों लोग खून से लथपथ मिले। यंकन्ना, उनकी पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल थे, जबकि उनके बेटे को मामूली चोटें आई थीं। प्रगति को गंगावती अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। परिवार के बाकी तीन सदस्यों को बेल्लारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार सुबह यंकन्ना नायडू ने अंतिम सांस ली।"