Sam Altman: OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने दिल्ली में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' में एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि दुनिया अब 'सुपर इंटेलिजेंस' के पहले वर्जन से महज कुछ ही साल दूर है। ऑल्टमैन के अनुसार, भविष्य का एआई इतना शक्तिशाली होगा कि वह किसी बड़ी कंपनी के सीईओ या दुनिया के सबसे बेहतरीन वैज्ञानिकों से भी बेहतर काम कर सकेगा।
इंसानों से आगे निकल जाएगी एआई की क्षमता
सैम ऑल्टमैन ने एआई के भविष्य पर बात करते हुए कहा कि जिस गति से तकनीक आगे बढ़ रही है, दुनिया की ज्यादातर बौद्धिक क्षमता इंसानों के बजाय डेटा सेंटरों में रहेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि एआई अपनी विकास यात्रा के एक बिंदु पर मुझसे बेहतर तरीके से कंपनी चला पाएगा और वैज्ञानिकों से बेहतर रिसर्च कर सकेगा। उनके अनुसार, यह बदलाव मानव सभ्यता को एक नए स्तर पर ले जाएगा।
नौकरियों के खत्म होने का डर नहीं
नौकरियों के नुकसान से जुड़ी चिंताओं पर ऑल्टमैन ने कहा कि वे इसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि तकनीक हमेशा से ही नौकरियों को बदलती रही है, लेकिन इंसान हमेशा नए और बेहतर काम ढूंढ लेता है। उन्होंने एक रोचक उदाहरण देते हुए कहा, 'आज से 500 साल बाद के लोग शायद हमारे आज के कामों को बेकार समझेंगे और हमें उन अमीर लोगों की तरह देखेंगे जो अपना समय बिताने के लिए 'खेल' खेलते हैं।'
सुरक्षा और एआई का हो लोकतंत्रीकरण
सैम ऑल्टमैन ने आगाह किया कि एआई तकनीक का किसी एक कंपनी या एक देश के पास केंद्रित होना 'विनाशकारी' हो सकता है। उन्होंने इसके 'लोकतंत्रीकरण' पर जोर देते हुए कहा कि यही मानवता के फलने-फूलने का सबसे सुरक्षित रास्ता है। उन्होंने सामाजिक लचीलापन विकसित करने की बात कही ताकि कोई भी एआई लैब अकेले भविष्य का फैसला न कर सके, बल्कि इसमें आम जनता की भी हिस्सेदारी हो।
मुंबई और बेंगलुरु में खुलेंगे OpenAI के दफ्तर
समिट के दौरान OpenAI ने भारत के प्रति अपनी गंभीरता दिखाते हुए एक बड़ी घोषणा भी की। दिल्ली-NCR में अपनी मौजूदगी के बाद, अब ChatGPT बनाने वाली यह कंपनी मुंबई और बेंगलुरु में अपने नए दफ्तर खोलने जा रही है। यह कदम भारत के विशाल टैलेंट पूल और तेजी से बढ़ते एआई इकोसिस्टम को भुनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।