Operation Sindoor: भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार (8 मई) को पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के 'सांप्रदायिक' बयान और पहलगाम आतंकी हमले के बीच स्पष्ट संबंध बताया, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए थे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अगुवाई में ऑपरेशन सिंदूर पर विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह भी शामिल थीं। विदेश सचिव ने कहा कि पाकिस्तान भारत की तरफ से दिए गए सबूतों का इस्तेमाल अपने ट्रैक को छिपाने और आतंकवादियों का बचाव करने के लिए करता है।
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार देना पाकिस्तान में एक प्रथा हो सकती है, लेकिन यहां इसका कोई मतलब नहीं है। विक्रम मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान के नीलम झेलम बांध पर हमला करने का आरोप सरासर झूठ है। भारत ने केवल आतंकी ढांचे को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सिंधु जल संधि का उल्लंघन कर रहा है।
विदेश सचिव ने आगे कहा कि विश्व नेताओं की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि भारत को जवाब देने का अधिकार है। मिस्री ने कहा, "पड़ोसी देश भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए सबूतों का इस्तेमाल अपने स्वयं के ट्रैक को छिपाने और वांछित आतंकवादियों को बचाने के लिए करता है। पड़ोसी देश उन आतंकवादियों का समर्थन कर रहा था जिन्होंने हमला (पहलगाम में) किया था।"
प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें
- विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के साथ ही सीमा के उस पार (पाकिस्तान) से स्थिति को बिगाड़ना शुरू हो गया था।
- विक्रम मिस्री ने कहा कि हमारा रुख स्थिति को बिगाड़ने का नहीं रहा है। हमने केवल 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले का जवाब दिया।
- विदेश सचिव ने कहा कि वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में पाकिस्तान की पहचान दुनिया भर में हुए विभिन्न आतंकवादी हमलों में निहित है।
- उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने दशकों तक भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दिया।
- भारतीय विदेश सचिव ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी गोलीबारी का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई से नागरिक प्रभावित हो रहे हैं।
- 'ऑपरेशन सिंदूर' पर विदेश सचिव ने कहा कि भारत की बुधवार की कार्रवाई संयमित थी। यह आतंकवादी ठिकानों तक ही सीमित थी।
- विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सिंधु जल संधि पर कहा कि पाकिस्तान वर्षों से जानबूझकर अड़चनें पैदा कर रहा था।
- उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान ने आतंकवादी संगठन TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) की भूमिका का जिक्र करने का विरोध किया, जबकि उसने (टीआरएफ) पहलगाम हमले की जिम्मेदारी पहले ही ले ली थी।