ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने केवल उन लोगों को निशाना बनाया, जिन्होंने निर्दोष लोगों की हत्या की। यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 50 बीआरओ (Border Roads Organisation) इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन के अवसर पर कही। रक्षा मंत्री ने कहा, 'आप जानते हैं कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारे भारतीय सशस्त्र बलों ने हम सभी को गौरवान्वित किया है।'
उन्होंने कहा, 'कल रात हमारे भारतीय सशस्त्र बलों ने अपनी वीरता और बहादुरी का परिचय दिया और एक नया इतिहास रच दिया। भारतीय सशस्त्र बलों ने सटीकता, सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की। हमने जो लक्ष्य तय किए थे, उन्हें सही समय पर सटीकता के साथ ध्वस्त किया।'
राजनाथ सिंह ने आगे कहा, 'हमारे सशस्त्र बलों ने यह सुनिश्चित करने में भी संवेदनशीलता दिखाई कि नागरिक आबादी को कोई नुकसान न पहुंचे। एक तरह से हम कह सकते हैं कि भारतीय जवानों ने सटीकता, सतर्कता और मानवता का परिचय दिया। पूरे देश की ओर से मैं जवानों और अधिकारियों को बधाई देता हूं। मैं सशस्त्र बलों का समर्थन करने के लिए पीएम मोदी को भी बधाई देता हूं।"
भगवान हनुमान के सिद्धांत का किया पालन
सिंह ने कहा, "हमने भगवान हनुमान के उस सिद्धांत का पालन किया, जिसका पालन उन्होंने अशोक वाटिका में जाते समय किया था। जिन्ह मोहि मारा, तिन्ह मोहि मारे। हमने उन्हीं को निशाना बनाया, जिन्होंने हमारे मासूमों को मारा।"
रक्षा मंत्री ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और आतंकवादियों के ट्रेनिंग कैंप्स को तबाह कर दिया। इस बार भी पहले की तरह ही मुंहतोड़ जवाब दिया गया। अपनी धरती पर हुए हमले का जवाब देने के लिए भारत ने अपने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया। हमारी कार्रवाई पूरी तरह से विचार-विमर्श और सटीकता के साथ की गई। आतंकवादियों का मनोबल तोड़ने के उद्देश्य से यह कार्रवाई सिर्फ उनके कैंप्स और इंफ्रास्ट्रक्चर तक ही सीमित थी। मैं एक बार फिर हमारे सशस्त्र बलों की वीरता के आगे नतमस्तक हूं।"
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके (पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर) में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इन ठिकानों में आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ भी शामिल हैं। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे।