Pahalgam Attack: पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने से भारतीय एयरलाइनों की 600 फ्लाइट डायवर्ट, हवाई किराए में हो सकती है वृद्धि

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तानी सरकार ने पिछले हफ्ते से भारतीय एयरलाइनों को अपने एयरस्पेस का उपयोग करने से रोक दिया है

अपडेटेड Apr 29, 2025 पर 5:05 PM
Story continues below Advertisement
Pahalgam Terror Attack: 120 विमानों को ईंधन भरने के लिए एक अतिरिक्त स्टॉप पर रुकना पड़ा

Pahalgam Terror Attack: पाकिस्तान सरकार की तरफ से 24 अप्रैल को भारतीय एयरलाइनों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद करने से लगभग 600 पश्चिम की ओर जाने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट प्रभावित हुई हैं। हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद से पहले पांच दिनों में इनमें से अधिकांश एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानें प्रभावित हुई हैं। पहलगाम आतंकी हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तानी सरकार ने पिछले हफ्ते से भारतीय एयरलाइनों को अपने एयरस्पेस का उपयोग करने से रोक दिया है।

ऑनलाइन ट्रैवल एजेंटों और फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म द्वारा मनीकंट्रोल के साथ शेयर किए गए डेटा से पता चला है कि इस डायवर्जन के कारण यूरोप, उत्तरी अमेरिका और पाकिस्तान से होकर गुजरने वाले अन्य देशों के लिए उड़ान भरने वाले लगभग 120 विमानों को ईंधन भरने के लिए एक अतिरिक्त स्टॉप पर रुकना पड़ा।

भारतीय एयरलाइनों को मुंबई और अहमदाबाद के ऊपर से इंटरनेशनल फ्लाइट का रूट्स बदलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो अरब सागर से होकर मस्कट की ओर जाती हैं। ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया, "दिल्ली, अमृतसर, जयपुर, लखनऊ और श्रीनगर से ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, तुर्की, ग्रीस, जॉर्जिया सहित पूर्वी यूरोप के देशों और अमेरिका और कनाडा के लिए सभी इंडिगो, अकासा एयर, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का रूट्स 24 अप्रैल से बदल दिया गया है।"


800 इंटरनेशनल फ्लाइट प्रभावित

अनुमान है कि मार्च 2025 में हर हफ्ते भारतीय एयरलाइनों की 800 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पाकिस्तानी एयरस्पेस से होकर गुजरेंगी। उनके लिए रूट्स बदलना एक जटिल और महंगा मामला बन रहा है। दिल्ली, अमृतसर, श्रीनगर, चंडीगढ़, अहमदाबाद, कोलकाता, लखनऊ और जयपुर से मध्य पूर्व के शहरों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अब 15 से 45 मिनट और यूरोप जाने वाली उड़ानों के लिए 1.5 घंटे का अतिरिक्त समय ले रही हैं।

किराए में हो सकती है बढ़ोतरी

उद्योग के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, एयरलाइनों की लागत में वृद्धि होना तय है। इसका मतलब हवाई किराए में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, चूंकि अन्य देशों की एयरलाइनें पाकिस्तान के ऊपर से उड़ान भरना जारी रख सकती हैं। इसलिए उन्हें प्रभावित रूट्स पर अपने भारतीय समकक्षों की तुलना में लागत लाभ मिल सकता है।

नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने 28 अप्रैल को कहा कि मंत्रालय एयरलाइनों के साथ वैकल्पिक रूट्स पर विकल्पों पर चर्चा कर रहा है। सरकार की प्राथमिकता यह देखने की कोशिश करना है कि एयरस्पेस बंद होने से औसत यात्री पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

मंत्री ने कहा, "हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं... और एयरलाइन कंपनियों के साथ काम कर रहे हैं।" हवाई क्षेत्र के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों विशेष रूप से उत्तर भारतीय शहरों से उड़ान भरने वाले विमानों के उड़ान घंटे लंबे हो रहे हैं। इससे एयरलाइन की लागत बढ़ रही है।

नायडू ने एक कार्यक्रम के मौके पर कहा कि मौजूदा स्थिति में मंत्रालय यात्रियों के पहलुओं पर विचार कर रहा है। यह सुनिश्चित कर रहा है कि सुरक्षा मुख्य प्राथमिकता रहे। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के अनुसार, एयर इंडिया अब प्रति सप्ताह लगभग 1,188 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती है, जो अप्रैल 2019 से 56.7 फीसदी की वृद्धि है।

ये भी पढ़ें- 'हमारे पास समय सीमित है और लक्ष्य बड़े हैं': पीएम मोदी बोले- ये मैं वर्तमान स्थिति के लिए नहीं कह रहा

इसकी भारत-यूरोप उड़ानें, जिनमें से कई पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। लगभग 80 प्रतिशत बढ़कर प्रति सप्ताह 242 सेवाएं हो गई हैं। इसी तरह, उत्तरी अमेरिका के लिए इसकी उड़ानें भी पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र पर निर्भर हैं, जो दोगुनी से अधिक बढ़कर 144 प्रति सप्ताह हो गई हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।