PM Modi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (29 अप्रैल) को कहा कि भारत ने कम समय में हासिल करने के लिए बड़े लक्ष्य तय किए हैं। इस दौरान उन्होंने कहा, 'हमारे पास समय सीमित है और लक्ष्य बड़े हैं।' पीएम मोदी के इस बयान को पहलगाम आतंकी हमले के लिए संभावित जवाबी कार्रवाई के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी मौजूदा स्थिति से संबंधित नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित YUGM कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए यह बातें कही।
पीएम मोदी ने कहा, "हमने विकसित भारत के लक्ष्य के लिए अगले 25 वर्षों की समयसीमा तय की है। हमारे पास समय सीमित है, लक्ष्य बड़े हैं। ये मैं वर्तमान स्थिति के लिए नहीं कह रहा हूं। इसलिए जरुरी है कि हमारे विचार (आइडिया) की 'प्रोटोटाइप' से 'प्रोडक्ट' तक की यात्रा भी कम से कम समय में पूरी हो।"
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इससे भारत में आक्रोश फैल गया है। पूरे देश से इस्लामाबाद के खिलाफ कड़ी जवाबी कार्रवाई की मांग उठ रही है। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने दर्जनों पर्यटकों पर गोलियां चलाईं, जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए। 2019 में आर्टिकल 370 के निरस्त होने के बाद से घाटी में सबसे घातक हमला था।
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक आतंकवादी ग्रुप द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली, जिसके बाद भारत ने सभी मोर्चों पर पाकिस्तान के साथ अपने राजनयिक संबंधों को कम कर दिया।
रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 121वें एपिसोड के दौरान पीएम मोदी ने पहलगाम हमले के पीड़ितों के परिवारों को आश्वासन देते हुए आतंकवादियों और उनके समर्थकों को 'कड़ी से कड़ी' सजा दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि न्याय किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में कश्मीर में पर्यटन और युवाओं के लिए अवसरों में भारी वृद्धि हुई है। पहलगाम हमला राष्ट्र के दुश्मनों द्वारा क्षेत्र की प्रगति को पटरी से उतारने का एक हताश प्रयास था। उन्होंने कहा, "मैं पीड़ितों के परिवारों को आश्वस्त करता हूं कि उन्हें न्याय मिलेगा। इस हमले के साजिशकर्ताओं और अपराधियों को सबसे कठिन जवाब का सामना करना पड़ेगा।"
पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह दूसरा राष्ट्र के नाम संबोधन था। हमले के बाद उनका पहला संबोधन बिहार में था, जहां उन्होंने प्रतिज्ञा की थी कि पहलगाम हमले के पीछे के आतंकवादियों और मास्टरमाइंड को उनकी कल्पना से परे सजा मिलेगी।
पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। एक साहसिक कदम उठाते हुए भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है और अटारी सीमा पर आवाजाही रोक दी है। सभी पाकिस्तानी वीजा रद्द कर दिए गए हैं और उनके नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है।