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Pahalgam Attack: सुरक्षा बलों से बचने के लिए इम्तियाज ने नदी में कूदकर दी जान, पहलगाम में आतंकियों की मदद करने का लगा था आरोप

Pahalgam Terror Attack: इम्तियाज अहमद माग्रे ने कथित तौर पर आतंकियों को खाना और उन्हें शरण दिलाने का काम किया था। वह जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों से बचने के दौरान नदी में कूद गया। 23 वर्षीय इम्तियाज अहमद माग्रे लश्कर के लिए काम करने वाला एक ओवर ग्राउंड वर्कर था

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड May 05, 2025 पर 12:55 PM
Pahalgam Attack: सुरक्षा बलों से बचने के लिए इम्तियाज ने नदी में कूदकर दी जान, पहलगाम में आतंकियों की मदद करने का लगा था आरोप
Pahalgam Terror Attack: इस घटना के कुछ घंटों बाद सामने आए ड्रोन फुटेज में एक युवक को नाले में कूदते हुए देखा गया

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के एक गांव में रविवार (4 मई) को इम्तियाज अहमद माग्रे नाम के एक 23 वर्षीय युवक का शव बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों से बचने के लिए उसने नदी में कूदकर अपनी जान दे दी। युवक पर पहलगाम में हमला करने वाले आतंकियों को शरण देने और उनकी मदद करने का आरोप था। माग्रे लश्कर के लिए काम करने वाला एक ओवर ग्राउंड वर्कर था। उसने कथित तौर पर पहलगाम में हमला करने वाले आतंकवादियों को भोजन और रहने का ठिकाना मुहैया कराया था। आरोप है कि युवक को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पूछताछ के लिए सुरक्षाबलों ने हिरासत में लिया था।

यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले के बाद शुरू की गई थी। उस घातक हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। माग्रे का शव बरामद होने के कुछ घंटों बाद सामने आए ड्रोन फुटेज में एक युवक को अदबल नाले में कूदते और बहते हुए देखा गया। पुलिस ने दावा किया कि माग्रे ने आतंकवादियों का सहयोग करने की बात कबूल की थी। वह सुरक्षाबलों को जंगल क्षेत्र में एक ठिकाने पर ले रहा था। इस दौरान उसने भागने की कोशिश की थी।

कश्मीर में सियासत शुरू

इस बीच, जम्मू-कश्मीर सरकार में मंत्री सकीना इट्टू ने माग्रे की मौत से जुड़े मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए दावा किया कि पुलिस रिकॉर्ड में मृतक के खिलाफ कुछ भी नहीं है। इट्टू ने कहा, "माग्रे की मौत की न्यायिक जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पहलगाम हमला बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण था। हम सभी इससे दुखी हैं। हालांकि, डर का माहौल बना हुआ है। मैं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अनुरोध करती हूं कि गृह विभाग को निर्देश दिए जाएं कि निर्दोष लोगों को परेशान न किया जाए और उन्हें नुकसान न पहुंचाया जाए।"

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