India-Pakistan War: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शुक्रवार, 9 मई को संसद को संबोधित करते हुए भारतीय ड्रोन को मार गिराने के पाकिस्तानी सेना के दावों का खंडन किया। उन्होंने इसके पीछे का तर्क ये दिया कि देश के एयर डिफेंस सिस्टम के स्थान का खुलासा करने से बचने के लिए भारतीय ड्रोन हमलों को हवा में रोका नहीं गया था। उन्होंने बताया कि अगर हम उन्हें इंटरसेप्ट करते तो भारतीय बलों को उनके पोजिशनिंग के बारे में पता लग जाता।
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि, 'ड्रोन हमला हमारे स्थानों का पता लगाने के लिए किया गया था। यह एक तकनीकी बात है जिसे मैं स्पष्ट नहीं कर सकता। हमने ड्रोन को नहीं रोका, ताकि हमारी हवाई रक्षा इकाइयों का स्थान लीक न हो जाए।'
भारत ने पाकिस्तान के कई एयर डिफेंस सिस्टम को किया तबाह
भारत सरकार ने गुरुवार को बताया कि उसने कई शहरों में पाकिस्तान की वायु रक्षा इकाइयों को निशाना बनाया, जिससे गंभीर क्षति हुई और लाहौर में एक वायु रक्षा प्रणाली नष्ट हो गई। रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने इन हमलों में इजरायल में विकसित हार्पी कामिकेज ड्रोन का इस्तेमाल किया। इससे पहले गुरुवार को पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि उन्होंने बुधवार रात से अब तक 25 भारतीय ड्रोन मार गिराए हैं।
संघर्ष के बीच अपने बयानों से चर्चा में बने हुए है ख्वाजा आसिफ
'दशकों से आतंकवाद को समर्थन और वित्त पोषण कर रहा पाक'
कुछ दिन पहले ख्वाजा आसिफ ने कैमरे पर यह स्वीकार करके खुद को और पाकिस्तान को शर्मिंदा किया था कि, उनका देश दशकों से दक्षिण एशिया में आतंकवाद को समर्थन और वित्त पोषण का 'गंदा काम' कर रहा है। उन्होंने कहा था कि, 'हम लगभग तीन दशकों से संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन सहित पश्चिम के लिए यह गंदा काम कर रहे हैं।' वह एक गलती थी, और हमें उससे नुकसान उठाना पड़ा। अगर हम सोवियत संघ के खिलाफ युद्ध में और उसके बाद हुए 9/11 अटैक में शामिल नहीं होते, तो पाकिस्तान का एक बेदाग ट्रैक रिकॉर्ड होता।