Operation Sindoor : पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को सुबह-सुबह इस बात की पुष्टि की कि भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सटीक हमले किए हैं। साथ ही इसने हमले का जवाब देने की धमकी भी दी है। स्थानीय मीडिया से बात करते हुए पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि भारत द्वारा दागी गई मिसाइलों ने पीओके के कोटली और मुजफ्फराबाद तथा पंजाब प्रांत के बहावलपुर को निशाना बनाया है।
उन्होंने दावा किया कि भारतीय मिसाइलों ने बहावलपुर अहमदाबाद ईस्ट इलाके में सुभानउल्लाह मस्जिद, कोटली और मुजफ्फराबाद तीन स्थानों पर हवाई हमला किया है। उन्होंने कहा, "हमारी वायुसेना के सभी फाइटर हवा में हैं। यह कायरतापूर्ण और शर्मनाक हमला भारत के हवाई क्षेत्र से किया गया। उन्हें कभी भी पाकिस्तान के क्षेत्र में आने और घुसपैठ करने की हिम्मत नहीं की।"
उन्होंने कहा, "मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि पाकिस्तान अपने हिसाब से तय समय और स्थान पर इसका जवाब देगा। इस जघन्य उकसावे का जवाब दिया जाएगा।"
बाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हमले को "युद्ध की कार्रवाई" करार देते हुए कहा कि उनके देश को जवाब देने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि हमले से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है तथा बाद में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों ने बाद में बताया कि इन भारतीय हमलों में पीओके के कोटली, मुजफ्फराबाद और बाघ तथा पंजाब के बहावलपुर और मुरीदके इलाकों को निशाना बनाया गया है।
भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकवादी स्थलों पर हमला किया। हमले के बाद आए एक बयान में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमले में किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा, "भारत ने टारगेट के चुनाव और उनको ध्वस्त करने के तरीके में काफी संयम दिखाया है। ये कदम पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले के मद्देनजर उठाए गए हैं, जिसमें 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी। हम इस प्रतिबद्धता पर खरे उतरे हैं कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। आज बाद में 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।"
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।