पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पटना और पूर्णिया में दर्ज तीन अलग-अलग मामलों में उन्हें जमानत मिल गई है। इन मामलों में कोतवाली थाना और बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र से जुड़े केस शामिल हैं। अदालत से बेल मिलने के बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले उन्हें एक और मामले में भी जमानत मिल चुकी है। पिछले एक सप्ताह से वे बेऊर जेल में बंद थे और जमानत का इंतजार कर रहे थे, अब किसी भी वक्त जेल से बाहर आ सकते हैं।
तीन मामलों में मिली जमानत
बता दें कि, पप्पू यादव की गिरफ्तारी 31 साल पुराने मामले में 6 फरवरी को हुई थी. कोर्ट से उन्हें इस केस में जमानत मिल गई थी। लेकिन 2 और केस जोड़ दिए गए थे। दोनों मामलों में कोर्ट ने उन्हें फिर से जेल भेज दिया था। जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव पर सरकारी काम में बाधा डालने और धरना-प्रदर्शन से जुड़े मामलों में केस दर्ज किया गया था। बुद्धा कॉलोनी थाने में उन पर सरकारी कार्य में रुकावट पैदा करने का आरोप था। वहीं कोतवाली थाने में 2017 और 2019 के दो अलग-अलग धरना-प्रदर्शन से जुड़े मामले दर्ज थे।
इन सभी मामलों में वे न्यायिक हिरासत में थे और उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने तीनों मामलों में उन्हें राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट के इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी देखी जा रही है।
बोला था नीतीश सरकार पर हमला
बता दें कि इससे पहले पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बेउर जेल से नीतीश सरकार पर सीधा हमला बोला था। पटना सिविल कोर्ट को पिछले कुछ दिनों से लगातार मिल रही बम से उड़ाने की धमकियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने इसे एक 'बड़ा षड्यंत्र' करार दिया था। पप्पू यादव का आरोप है कि उन्हें जेल में रखने के लिए अपराधी, माफिया और प्रशासन मिलकर यह खेल खेल रहे हैं। पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा: 'यह कैसा कानून का राज है? पटना सिविल कोर्ट को लगातार 4 दिनों से बम से उड़ाने की धमकी मिल रही है। कोर्ट का काम ठप्प पड़ जा रहा है. क्या यह पप्पू यादव जी को जेल में कैद रखने के लिए अपराधी-माफिया सरकार-पुलिस प्रशासन का षड्यंत्र है? नीतीश कुमार जी देखिए आपके पुलिस का कारनामा।'