Pawan Khera Row: कांग्रेस के सीनियर नेता पवन खेड़ा पर दो-दो वोटर आईडी कार्ड्स रखने का गंभीर आरोप लगा है। भारतीय चुनाव आयोग ने पवन खेड़ा को चुनाव कानूनों का उल्लंघन करते हुए एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में रजिस्ट्रेशन कराने के आरोप में औपचारिक नोटिस जारी किया है। दिल्ली के चुनाव प्रशासन ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने को लेकर नोटिस जारी किया है।
नई दिल्ली के जिला निर्वाचन अधिकारी ने पवन खेड़ा को भेजे नोटिस की एक कॉपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की। कांग्रेस नेता को 8 सितंबर को सुबह 11 बजे तक इस नोटिस का जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है, "मेरे संज्ञान में लाया गया है कि आपने अपना नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में रजिस्टर कराया है।" नोटिस के अनुसार, खेड़ा नयी दिल्ली और जंगपुरा विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता के रूप में रजिस्टर्ड हैं।
नोटिस में लिखा था, "जैसा कि आप जानते होंगे, एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत दंडनीय अपराध है। इसलिए, आपको कारण बताओ नोटिस जारी कर आपसे पूछा जाता है कि क्यों न आपके खिलाफ इस अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।"
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया था कि पवन खेड़ा के पास दो मतदाता पहचान पत्र हैं। जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी पार्टी द्वारा वोटों की चोरी को बचाने और छिपाने के लिए बिहार में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, "राहुल गांधी के मीडिया हेड पवन खेड़ा के पास दो एपिक नंबर हैं... XHC1992338, जो विधानसभा जंगपुरा का है। SJE0755967, जो विधानसभा 40 का है। तो राहुल गांधी के करीबी वोट धांधली में संलिप्त हैं। Representation of Peoples Act 1951, Section 62, Subclause 2 ये कहता है कि कोई भी व्यक्ति एक से ज्यादा विधानसभा में वोट नहीं डाल सकता है। राहुल गांधी की पार्टी के मीडिया हेड पवन खेड़ा असली चोर हैं।"
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दो मतदाता पहचान पत्र संबंधी भारतीय जनता पार्टी के आरोप को लेकर मंगलवार को उस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन्हें और उनकी पार्टी को निशाना बनाकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ लगे आरोपों को सही साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने स्वीकार किया है कि आयोग मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने में विफल रहा है।