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'भारत की अदम्य भावना का प्रतीक', प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर के 1,000 साल के सफर को ऐसे किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि साल 2026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले को 1000 साल पूरे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बार-बार हुए हमलों के बावजूद यह मंदिर फिर से खड़ा हुआ। यह भारत माता के उन अनगिनत पुत्रों की वीरता की कहानी है, जिन्होंने हमारी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा की

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 06, 2026 पर 2:50 PM
'भारत की अदम्य भावना का प्रतीक', प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर के 1,000 साल के सफर को ऐसे किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर के 1,000 साल के सफर को ऐसे किया याद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विदेशी आक्रमणकारियों के बार-बार हमलों के बाद पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का 11 जनवरी को दौरा करेंगे। इससे एक दिन पहले PM मोदी ने सोमवार को लिखे एक ब्लॉग में गुजरात के सोमनाथ मंदिर को भारत की सभ्यता की दृढ़ता और निरंतरता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर कई हमलों के बाद भी आज तक खड़ा है, जो भारत की अटूट भावना को दिखाता है।

मोदी ने लिखा कि साल 2026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले को 1000 साल पूरे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बार-बार हुए हमलों के बावजूद यह मंदिर फिर से खड़ा हुआ। यह भारत माता के उन अनगिनत पुत्रों की वीरता की कहानी है, जिन्होंने हमारी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा की।

उन्होंने लिखा, “सोमनाथ हमारी सभ्यता के उस जज्बे का सबसे बड़ा उदाहरण है, जो कभी हार नहीं मानी। कठिनाइयों और संघर्षों के बावजूद यह आज भी गर्व के साथ खड़ा है।”

मोदी ने कहा कि सोमनाथ का महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं था, बल्कि यह समुद्र तट पर स्थित होने के कारण भारत के व्यापार और समृद्धि का भी प्रतीक था। लेकिन उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सोमनाथ की कहानी विनाश की नहीं, बल्कि पुनर्निर्माण की है- यह करोड़ों भारतीयों की हिम्मत का प्रतीक है।

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