LPG Crisis: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार (12 मार्च) को LPG की कमी की रिपोर्ट को लेकर देशभर में फैली चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लोगों से न घबराने के लिए कह रहे हैं। लेकिन वो खुद बिल्कुल अलग वजहों से परेशान लग रहे हैं। इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा, "PM कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन प्रधानमंत्री खुद बिल्कुल अलग वजहों से घबराए हुए हैं। वो एपस्टीन की वजह से घबराए हुए हैं, वो अडानी मामले की वजह से घबराए हुए हैं, वो सदन के अंदर नहीं आ पा रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, आपने कल देखा कि प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली थी। इसलिए, वो देश से घबराने के लिए नहीं कह रहे हैं। लेकिन खुद घबरा गए हैं।" कांग्रेस, DMK, TMC और SP के कई विपक्षी सांसदों ने संसद के 'मकर द्वार' के पास सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया।
प्रियंका गांधी समेत महिला विपक्षी MPs नकली ईंट के चूल्हे के साथ बैठ गई और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। विपक्ष वेस्ट एशिया के हालात और भारत पर इसके असर पर पूरी चर्चा की मांग कर रहा है। कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत पर इसके प्रभावों को लेकर संसद के दोनों सदन में चर्चा कराए जाने की मांग कर रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इसकी अनुमति देने से पूरी तरह इनकार कर रही है क्योंकि वह यह चर्चा कराने से डरती है।
कांग्रेस ने दावा किया कि सरकार की विदेश नीति का सच पहले ही उजागर हो चुका है। विपक्षी दल पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। हालांकि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद के दोनों सदनों में सोमवार को बयान दिए थे।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर लिखा, "विपक्ष पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों पर संसद के दोनों सदन में चर्चा की मांग कर रहा है लेकिन मोदी सरकार ऐसी बहस की अनुमति देने से हठपूर्वक इनकार कर रही है। सरकार साफ तौर पर भयभीत दिख रही है।" रमेश ने कहा, "इसकी विदेश नीति पहले ही बुरी तरह उजागर हो चुकी है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- 'घबराने की जरूरत नहीं'
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण रसोई गैस की किल्लत के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को लोगों से नहीं घबराने की अपील की। उन्होंने जनहित की रक्षा का आश्वासन दिया। पीएम ने एलपीजी संकट से निपटने का भरोसा जताया, जहां कमर्शियल एलपीजी की कमी ने देश के होटल क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है।
उन्होंने परोक्ष रूप से एलपीजी संकट का जिक्र करते हुए कहा, "मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि हम केवल सही और सत्यापित जानकारी ही फैलाएं।" प्रधानमंत्री ने कहा, "कोविड महामारी के दौरान, 140 करोड़ भारतीयों ने दुनिया को दिखाया कि हमारा राष्ट्र कितना परिपक्व है। मुझे विश्वास है कि एक राष्ट्र के रूप में हम हर परिस्थिति का सफलतापूर्वक सामना करेंगे।"