PM Modi Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक आर्थिक संकट को देखते हुए एक बार फिर से देशवासियों से 'जनभागीदारी' की अपील की है। वडोदरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जैसे हमने मिलकर कोरोना संकट को मात दी थी, वैसे ही इस दशक के इस सबसे बड़े संकट से भी हम बाहर निकलेंगे। उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए भारतीयों से अपनी आदतों में कुछ बदलाव करने का आग्रह किया है।
पीएम मोदी की देशवासियों से 7 मुख्य अपीलें
प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
ईंधन की बचत: जहां संभव हो पेट्रोल और डीजल का उपयोग कम करें। इसके बजाय मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
सोना खरीदने से बचें: सोने के आयात पर देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश जाता है। जब तक हालात सामान्य न हों, सोने की नई खरीद टाल दें।
खाद्य तेल का कम उपयोग: खाने के तेल के आयात पर भी बड़ी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। इसकी खपत कम करना देश और स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतर है।
Work From Home (WFH): सरकारी और निजी दफ्तरों को फिर से वर्क फ्रॉम होम मॉडल अपनाने की सलाह दी गई है।
ऑनलाइन क्लास: स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में जहां संभव हो, ऑनलाइन क्लास चलाने का सुझाव दिया गया है ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो।
कर्तव्य को प्राथमिकता: हर नागरिक को इस समय अपनी सुख-सुविधा से ऊपर देश के प्रति अपने कर्तव्य को रखना होगा।
विदेशी यात्रा टालें: अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचें ताकि देश का पैसा बाहर न जाए।
'कोरोना से बड़ा संकट, पर भारत झुकेगा नहीं'
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया के युद्ध की तुलना सदी के सबसे बड़े संकट 'कोरोना' से की। उन्होंने कहा, 'अगर कोरोना महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी, तो यह युद्ध इस दशक का सबसे बड़ा संकट है। सरकार प्रयास कर रही है कि जनता पर इसका कम असर हो, लेकिन इसमें नागरिकों का सहयोग अनिवार्य है।'
पोखरण परमाणु परीक्षण और सोमनाथ, शक्ति और भक्ति का संगम
सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 साल पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी ने 11 मई 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण (ऑपरेशन शक्ति) को याद किया। पीएम ने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने परमाणु परीक्षण किया था, तब दुनिया की महाशक्तियां भारत को दबाने मैदान में उतर गई थीं। उन्होंने कहा कि भारत ने सारे प्रतिबंधों के बावजूद हार नहीं मानी। जैसे सोमनाथ मंदिर को बार-बार तोड़ा गया लेकिन वह हर बार भव्यता के साथ खड़ा हुआ, वैसे ही भारत को कोई झुका नहीं सकता। पीएम ने तंज कसते हुए कहा कि दुर्भाग्य से आज भी देश में ऐसी ताकतें हैं, जो राष्ट्रीय स्वाभिमान से ज्यादा तुष्टिकरण को महत्व देती हैं।