बेंगलुरु में जनप्रतिनिधियों के लिए बनी एक विशेष अदालत ने शनिवार को जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह फैसला कर्नाटक के हासन जिले में 2024 में दर्ज चार रेप मामलों में से एक केस में सुनाया गया। 34 साल के प्रज्वल रेवन्ना को महिला के साथ बार-बार बलात्कार करने, उसका यौन उत्पीड़न करने और वीडियो बनाने जैसे गंभीर अपराधों में दोषी पाया गया। विशेष सत्र न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने शनिवार को सजा का ऐलान किया।
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को कोर्ट ने प्रज्वल को दोषी करार दिया था। उन्हें भारतीय दंड संहिता की धाराएं 376(2)(k) (प्रभाव का इस्तेमाल कर बलात्कार), 376(2)(n) (बार-बार बलात्कार), 354A (यौन उत्पीड़न), 354B (कपड़े उतारने की कोशिश), 354C (गुप्त रूप से फोटो लेना), 506 (आपराधिक धमकी), 201 (सबूत मिटाना) और IT एक्ट 2008 की धारा 66(E) (गोपनीयता का उल्लंघन) के तहत दोषी ठहराया गया।
प्रज्वल रेवन्ना (Prajwal Revanna), पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के पोते और कर्नाटक के पूर्व मंत्री एच. डी. रेवन्ना के बेटे हैं। कोर्ट ने माना कि उन्होंने अपने परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली एक घरेलू सहायिका का यौन शोषण किया, जब वह एक प्रभावशाली स्थिति में थे।
पूर्व सांसद 31 मई 2024 से जेल में है, जब उसे जर्मनी से लौटते ही गिरफ्तार कर लिया गया था। वो उस समय विदेश भाग गया था, जब महिलाओं पर यौन हमलों के कुछ आपत्तिजनक वीडियो सामने आए थे। बताया गया कि ये वीडियो खुद प्रज्वल ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किए थे और ये 26 अप्रैल 2024 को हासन में हुए लोकसभा चुनाव से पहले लीक हुए, जहां से वो JDS-BJP गठबंधन का उम्मीदवार था।
इस मामले की जांच कर रही कर्नाटक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को पीड़िता के पहने गए कपड़ों से मिले DNA सबूतों से भी मदद मिली। पीड़िता के कपड़ों पर मिले बालों और शरीर के तरल अवशेषों की जांच में यह पुष्टि हुई कि ये प्रज्वल के DNA से मेल खाते हैं।
यौन शोषण के बाद पीड़िता को नौकरी से निकाल दिया गया था और उसके कपड़े फार्म हाउस के सर्वेंट क्वार्टर में ही रह गए थे। SIT की तलाशी में ये कपड़े बरामद किए गए और फॉरेंसिक जांच में दोषी के DNA का मिलान पीड़िता के पेटीकोट से हुआ।
प्रज्वल को दोषी करार देने की प्रक्रिया 2 मई 2025 को शुरू हुई थी, जब पीड़िता का बयान कोर्ट में दर्ज किया गया। मामले में चार्जशीट दिसंबर 2024 में दाखिल हुई थी और 3 अप्रैल 2025 को आरोप तय किए गए थे।
यह केस 8 मई 2024 को दर्ज हुआ था, जब एक अधेड़ महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसे 5 मई को मैसूर के पास एक फार्म हाउस से बचाया गया था, जहां उसे कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया था। ये वही महिला थी, जिसकी पहचान उन आपत्तिजनक वीडियो में हुई थी।
इस केस में सबसे अहम गवाह खुद प्रज्वल के पुराने कार ड्राइवर कार्तिक एन बना, जिसने कोर्ट में गवाही दी कि उसने प्रज्वल के मोबाइल फोन में 2,000 से ज्यादा आपत्तिजनक तस्वीरें और 40-50 यौन हमलों के वीडियो देखे थे।
JDS की महिला नेता से लेकर कुक तक
एक दूसरे केस में प्रज्वल पर JDS की एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य के साथ बार-बार यौन शोषण और धमकी देने के आरोप हैं। इस मामले की सुनवाई भी चल रही है और हाल ही में पीड़िता के पति (जो खुद JDS कार्यकर्ता हैं) ने कोर्ट में बयान दर्ज कराया है।
इसके अलावा, रेवन्ना परिवार में काम करने वाली एक महिला कुक और उसकी बेटी के यौन उत्पीड़न का आरोप भी प्रज्वल पर है।
वहीं, इस पूरे मामले पर रेवन्ना परिवार ने राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह सब सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी की साजिश है, ताकि हासन लोकसभा सीट से उनकी पकड़ खत्म की जा सके। बता दें कि 2024 के चुनाव में प्रज्वल रेवन्ना कांग्रेस उम्मीदवार से हासन सीट हार गए थे, उस समय ये आरोप सामने आए थे।