Pune Violence: पुणे में दो समूहों में झड़प, सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बढ़ा तनाव, CM फडणवीस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया, "उग्र भीड़ ने विरोधी समुदाय के ढांचों और संपत्तियों में तोड़फोड़ की, पथराव किया और एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए हमें आंसू गैस के गोले दागने पड़े। मौके पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पोस्ट अपलोड करने वाले युवक को हिरासत में ले लिया गया है

अपडेटेड Aug 01, 2025 पर 8:00 PM
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Pune Violence: पुणे में दो समूहों में झड़प, सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बढ़ा तनाव

पुणे जिले की दौंड तहसील के यवत गांव में शुक्रवार को उस वक्त तनाव फैल गया, जब दो समूहों के बीच कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस को गुस्साई भीड़ को तितर-बितर करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, पुलिस ने बताया कि एक विशेष समुदाय के एक युवक ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड कर दी, जिससे दूसरे समूह के कुछ लोग नाराज हो गए।

इसके तुरंत बाद हिंसा भड़क उठी और गुस्साई भीड़ ने दूसरे समुदाय के घरों और प्रॉपर्टी में तोड़फोड़ की, पथराव किया और एक मोटरसाइकिल को आग लगा दी।

अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया, "उग्र भीड़ ने विरोधी समुदाय के ढांचों और संपत्तियों में तोड़फोड़ की, पथराव किया और एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए हमें आंसू गैस के गोले दागने पड़े। मौके पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पोस्ट अपलोड करने वाले युवक को हिरासत में ले लिया गया है।"


महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिली जानकारी के अनुसार, बाहर से आए एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किया था, जिसके कारण तनाव पैदा हुआ।

न्यूज एजेंसी ANI के हवाले से उन्होंने कहा, "मुझे अभी मामले की जानकारी मिली है। इसके अनुसार, बाहर से आए एक व्यक्ति ने आपत्तिजनक स्टेटस पोस्ट किया था, जिससे तनाव फैल गया। लोग सड़कों पर उतर आए और भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और इलाके में शांति है। उन्होंने आगे कहा, "स्थिति अब काबू में है। दोनों समुदायों के लोग एक साथ बैठकर बातचीत कर रहे हैं और तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल, इलाके पूरी तरह से शांतिपूर्ण है।"

फडणवीस ने आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आगे कहा, "कुछ लोग जानबूझकर तनाव पैदा करने के लिए ऐसे स्टेटस पोस्ट करते हैं, लेकिन उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूर की जाएगी। क्या सिर्फ इसलिए कि कोई सभा या कार्यक्रम हुआ था, किसी को भी ऐसे भड़काऊ स्टेटस पोस्ट करने की आज़ादी मिल जाती है? किसी को भी इस तरह किसी भी धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का हक नहीं है। इसलिए यह कहना कि किसी सार्वजनिक सभा के कारण तनाव पैदा हुआ, पूरी तरह गलत है।"

उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने का भी आग्रह किया।

उन्होंने आगे कहा, "हमारी एक ही अपील है: सभी लोग शांति बनाए रखें और कोई भी कानून को अपने हाथ में न ले। अगर कोई ऐसा करता है, तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।"

उपमुख्यमंत्री हिंसा प्रभावित क्षेत्र पहुंचे

इस बीच, उपमुख्यमंत्री अजित पवार हिंसा प्रभावित इलाके में प्रभावित लोगों से मिलने पहुंचे। स्थिति का आकलन करने के बाद, पवार ने कहा कि इलाके में 48 घंटों के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी पुलिस व्यवस्था शांति बनाए रखने के लिए स्थिति पर नजर रख रही है।

पीड़ित ने बताई आपबीती

एक बेकरी मालिक, जिसकी दुकान में झड़पों के दौरान तोड़फोड़ की गई थी, उसने अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि एक समुदाय के लोगों ने पथराव किया, टिन की चादरें छीन लीं और बेकरी के अंदर कोई ज्वलनशील चीज फेंकी।

बेकरी के मालिक स्वप्निल आदिनाथ कदम ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, "मेरे कुछ कर्मचारी मुसलमान हैं और वे उत्तर प्रदेश से आए हैं। सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई, जिसमें कहा गया कि मुसलमानों ने एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट डाली है। यहां से 150-200 मीटर की दूरी पर एक मस्जिद है। वे मस्जिद जा रहे थे। किसी ने कहा कि यह बेकरी मुसलमानों की है। लेकिन बेकरी हमारी है और वे (कर्मचारी) यहां किराए पर रहते हैं। हमारी बेकरी पूरी तरह से जल गई है।"

भारी पुलिस बल तैनात

हिंसा के बाद, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। तनाव अभी भी बना हुआ है। अधिकारियों ने शांति बनाए रखने की अपील की है और सोशल मीडिया पर गलत सूचना या भड़काऊ सामग्री न फैलाने की चेतावनी दी है।

पोस्ट की सच्चाई का पता लगाने और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।

यह घटना 26 जुलाई को यवत के नीलकंठेश्वर मंदिर में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद उपजे तनाव के कुछ दिनों बाद हुई है।

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