राजस्थान के एक सरकारी अस्पताल में अपने घायल बेटे की देखभाल कर रहे 60 साल के शख्स को ही सर्जरी के लिए टेबल पर लिटा दिया गया और ये सब उनके नाम की वजह से हुआ। जगदीश के बेटे मनीष को एक दुर्घटना के बाद कोटा के सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने कहा कि उसके पैर का ऑपरेशन करना पड़ेगा। जगदीश को स्ट्रोक के कारण बोलने में दिक्कत आती है। वह अपने बेटे की देखभाल के लिए 12 अप्रैल को अस्पताल आए थे। मनीष को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया और जगदीश बाहर बैठकर सर्जरी खत्म होने का इंतजार कर रहे थे।
