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Rajasthan News: दलितों को लंदन घुमाएगी राजस्थान की भजनलाल सरकार, फ्री में होगा सफर, जानिए कैसे करें अप्लाई

Rajasthan News: राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने डॉ. भीमराव आंबेडकर पंचतीर्थ यात्रा नामक एक नई पहल की शुरुआत की है। इसके जरिए दलित समाज के लोग डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े तीर्थस्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसमें भीमराव आंबेडकर का लंदन का घर भी शामिल है। इस पूरी योजना का खर्च राज्य सरकार उठाएगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 20, 2025 पर 10:02 AM
Rajasthan News: दलितों को लंदन घुमाएगी राजस्थान की भजनलाल सरकार, फ्री में होगा सफर, जानिए कैसे करें अप्लाई
Rajasthan News: डॉ. भीमराव आंबेडकर पंचतीर्थ योजना के तहत 1000 लोगों को बाबा साहेब आंबेडकर से जुड़े पांच ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा कराई जाएगी।

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने हाल ही में डॉ. भीमराव आंबेडकर पंचतीर्थ योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत दलित समाज के लोगों को डॉ भीमराव अंबेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों की सैर कराई जाती है। 14 अप्रैल को राज्य के सीएम भजनलाल शर्मा ने दो बसों को हरी झंडी दिखाकर पहला जत्था रवाना किया है। डॉ आंबेडकर से जुड़े पांच स्थलों में से चार स्थल भारत में हैं जबकि एक लंदन में है। भारत के स्थलों के दर्शन का प्रोग्राम शुरू कर दिया गया है। यात्रियों को दिल्ली, नागपुर, मुंबई, महू और लंदन घुमाया जाएगा। इसका खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

योजना के तहत चुने गए 1000 लोगों को बाबा साहेब आंबेडकर से जुड़े पांच ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। इनमें दिल्ली, नागपुर, मुंबई, महू और लंदन शामिल हैं। खास बात यह है कि यात्रियों को रहने, खाने और आने-जाने का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।

लंदन की सैर कराएगी राजस्थान सरकार

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि बाबा साहेब के लंदन स्थित निवास की भी यात्रा करवाई जाएगी। यही वह ऐतिहासिक घर है जहाँ बाबा साहेब ने वकालत की पढ़ाई की थी। भारत सरकार इस घर को पहले ही खरीद चुकी है। अब इस घर को स्मारक के रूप में बनाया गया है। इसकी देखरेख भारत सरकार कर रही है। कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत के मुताबिक, लंदन यात्रा का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, योजना का अगला चरण लागू कर दिया जाएगा। इसका पहला चरण शुरू हो चुका है। हर साल हजारों लोगों को पंचतीर्थ यात्रा पर भेजा जाएगा। अब राजस्थान सरकार चाहती है कि दलित समाज के लोग उस स्थान पर जाकर इतिहास को महसूस करें।

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